Business Expert: How to Build A Brand in 2026, B2B & Hidden Opportunity | Dinesh | FO443 Raj Shamani

9 Dec 2025 · 1 h 23 min

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Episode Title

Business Expert: How to Build A Brand in 2026, B2B & Hidden Opportunity | Dinesh | FO443 Raj Shamani

Episode Overview In this episode, Raj Shamani speaks with Dinesh Agarwal, the Founder and CEO of IndiaMART. Dinesh discusses his experiences in building a significant B2B marketplace, outlines the importance of understanding market dynamics, and shares insights on the future of business in India.

Key Themes and Discussions

  1. Importance of On-Ground Experience
  2. Real Market Pulse: Dinesh emphasizes that theoretical knowledge is not enough; real-world engagement is vital to understanding customer needs and market realities.
  3. Diverse Insights: Interaction with customers and suppliers can reveal discrepancies between online data and actual market behavior.
  1. Gujarat's Business Climate
  2. High Partnership Rates: Gujarat has a partnership rate of 22-24%, which is significantly higher than the national average of 10-12%. Dinesh speculates this may be due to the entrepreneurial mindset in the region.
  1. Hidden Opportunities in India
  2. E-Rickshaws and Mobile Accessories: Certain sectors like e-rickshaws and mobile accessories have grown significantly, highlighting the importance of identifying niche markets.
  3. Manufacturing Potential: Dinesh discusses how India has not yet become a "supply nation" despite its potential, due to infrastructure gaps and reliance on imports.
  1. Challenges in Supply and Demand
  2. Import Reliance: Dinesh stresses the need to reduce imports and build local capacities to meet domestic demand. He discusses how India should focus on internal production before considering exports.
  1. Future of Business and Entrepreneurship
  2. Advice for Young Entrepreneurs: Dinesh suggests that if he were 25 today, he might explore opportunities in mobile technology or AI, given their growth potential.
  3. Investment in Infrastructure: A strong infrastructure is crucial for scaling up manufacturing and business operations in India.
  1. The Evolution of Consumer Markets
  2. Changing Aspirations: Dinesh reflects on how consumer aspirations are evolving, with many looking to upgrade from two-wheelers to cars, indicating a growing middle class.
  1. Ethical Considerations in Marketplaces
  2. Market Dynamics: The discussion touches on the ethical implications of operating a marketplace versus a retail model, and how this impacts competition and consumer trust.
  1. Dinesh's Personal Philosophy
  2. Simplicity in Success: Dinesh reflects on his personal life philosophy, emphasizing maintaining simplicity and consistency despite business success.

Closing Thoughts

  • Dinesh Agarwal highlights that understanding the market, being adaptable, and maintaining ethical practices are crucial for future entrepreneurs. He encourages listeners to seek out hidden opportunities while staying grounded in the realities of the marketplace.

Key Takeaways

  • Engagement Over Theory: Real-world experience trumps theoretical knowledge for gauging market needs.
  • Spotting Trends: Monitor niche markets and shifting consumer behaviors to find business opportunities.
  • Local Focus: Strengthening local manufacturing capabilities is essential for reducing dependence on imports and achieving economic growth.
  • Mindset of Simplicity: Success can be managed with a mindset focused on simplicity and purpose over luxury.

Resources Mentioned

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  • [Order 'Build, Don't Talk' (Hindi)](https://amzn.eu/d/4wZISO0)
  • Follow Dinesh Agarwal:
  • [LinkedIn](https://www.linkedin.com/in/indiamart)
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Final Notes This episode serves as a comprehensive guide for aspiring entrepreneurs looking to navigate the business landscape in India, especially within the evolving sectors driven by technology and changing consumer needs. Raj encourages listeners to keep "figuring out" their paths to success.

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Transcript

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0:00इंदुस्तान में जन्ञाई के लिंआअ जो लेंस कार्ट की स्टोली है जो इसे कौन सी और कैटगरी द्या जो अर्गनाएस से ओर हो रही है आप ऐसे सुपते हो, इंडिया में 100 करून लोगों के पास मुपाइल है, बहुत बड़ा मार्केट चाइना प्लस वन जो पूरा वर्ल्ल कोविट के बाद इजरा रहा है, आप देख रहे हो मैनुफैक्ट्रिंग में ग्रोथ हुई मेरे को बेटर प्राइस और बेटर क्वालिटी जहां मिलेगी मैं 80 % वालिउम तो वहां रखूंगा लेकिन इंशॉरेंस के लिए 20 % वालिउम इधा रख लूगा तो चाइना प्लस वन करने से आपको केवल हुग दस-20 % का ही गैन मिलना था पहले एक्सपोर्ट का मुप भरने के बजाए, पहले आप इपना इंपोर्ट तो सुधारो. इफ आज आप 25-30 अपना थे, आपको कोई बिजनस स्टार्ट करना था, तो क्या करता है?

1:26Mobile Technology AI Technology तो अगर मैं 25 साल का होता तो शायद इस direction में कुछ करता है

1:37हर बिजनेस छोटा हो या बड़ा अपनी growth journey में एक dependable partner की जरुरत फील करता है इसी जरुरत को समझते हुए Porter हर scale के business के लिए एक trusted growth partner बन गया है SMEs से लेकर large enterprises तक Porter एक Reliable Transport Solution प्रोवाइड करता है Porter अपनी वाइड रेंज ओव वेहिकल्स टू वीलर्स, ट्री वेलर्स और ट्रक के थू 20 किलो से लेके 4 ,500 किलो तक के गुड्स को स्मूद और एफिशिंट तरीके से हैंडल करता है और ये उन बिजनेस के लिए आइडियल है जो अपना काम stress-free और efficient तरीके से चलाना चाहते हैं

2:17अगर आप अपने business के लिए dependable partner ढून रहे हो check out Porter, the link is in the description and our today's guest is Dinesh Agarwal, CEO of India Mart एक ऐसे entrepreneur जिनोंने इंडिया के business world को ground level से बढ़ते और बदलते देखा है हम उनसे जानेंगे आज के business की reality औफलाइन और ओनलाइन बिजनेस के बीच का फर्क और कैसे ग्राउंड लेवल पर पैसा और बिजनेस दोनों बनाया जा सकते हैं आज के जमाने में Along with this, हम इंडिया मार्ट के डेटा से पता करेंगे कौन से सेक्टर्स में सबसे जादा डिमांड बढ़ रही है AI और manufacturing मिलकर India को supplier nation बनने में कैसे help कर सकते हैं और B2B business को scale करने का सही तरीका क्या है और कौन सी ऐसी hidden opportunities available है आज इंडिया में based on data ये episode end तक जरूर देखिए और मुझे comments में बताइए आपने इस episode से क्या सी

3:18मैं और मेरी सारी audience अधिकतर हम लोग ये 25 तू 40 यह के बीच के लोग हैं इनको बिस्नेस बनाना है इंडिया में और पैसे कमाने बहुत तो आपका प्लैटफॉर्म है पैसे कमाने है लेकिन बाहर सड़क पे नहीं जाना है नहीं जाना है बता हो कैसे जाना है ऐसे क्यों बूला अपने कि बाहर स� उनको मैं विक्कीपीडिया मेनेजर बोलता हूं मतलब रोड पर नहीं जाना क्यों? मतलब क्योंकि इन्फरमेशन है तो यह जो इन्फरमेशन की अवेलेबिलेट्ली हो गई है आपको कि याद पहले तो कम से कम आनलाइन तो चेक कर लो और आनलाइन चेक करने पर अगर आपको बहुत सारी इंफरमेशन मिल जाती है that maybe that is sucking you in and जो कि इंफरमेशन हो सकता है कि मतलब जो मैं ले बोल रहा हूं जो आप बोल रहे हैं कुछ दो चार परसेंट लोगों ने दुनिया के वो इंफरमेशन महां डाल रखी है जो कि reality से काफ़े अलग हो जकती है जो कि पहले टीवी में था या रेडियो में था क्योंकि वो और भी मतलब कुछ politicians ने या कुछ bureaucrats ने control की हुई थी वो information which was not the reality तो वो reality अब शायद 2 % लोग वहाँ पे दिखा रहे हैं लेकिन अभी भी शायद जब तक आप actual में रोड पे नहीं जाओगे, actual में फील्ड पे नहीं जाओगे, actual में customer से नहीं मिलोगे, तब तक बिल्कुल अच्छा pulse तो नहीं मिलेगा आपको, क्योंकि अभी भी कहने को internet है सब कुछ, लेकिन फिर उसके ओपर भी लोगों के अलग - वो भी तो आपको नहीं पता तो आप अपने आख कान पे थोड़ा विश्वास और करें हाथ पेरों पे भी करें आख कान पे तो करी रहें बट वहाँ पे शायद दोनों जन्राप आप और बेटर जान पाएंगे करने के लिए कोई एक्जाम्पल दो आप जहां पर आपने दिखा कि रियालिटी में यह लग ही चल रहा था लेकिन ऑनलाइन अलग चीज़ दिखी क्योंकि ये बहुत सारे लोग बोलते हैं और जो बिजनिस करते हैं इतलीस इनका ऑपरेशनली एक स्ट्रॉंग बिजनस होता है वो लोग तो ये मानते हैं कि भाई जब आप कस्तुमर से बात करोगे आपके जाके जो एक automotive dealer है जिसको आपको पार्ट बेचना है वो अलग बाते कर रहे है और online आपको data अलग दिखा रहा है कि GDP में यह हो रहा है इसके percentage वो है इतनी demand इतनी वह है बहुत अलग reality होती है एक इंडिया के अच्छी reality बताता हूँ तो चुककि हम बिजनस में है B2B काईहिस्वाम करते है इसलिए बता रहूं है ये शायद या आपके बहुत सारे लोगों को भी बता है की नहीं कि पता है हम लोग जमीन कैसे नापते हैer स्कवाइर फीट में हम कमरा कैसे नापते है स्क्वार फीट में अपने पेंटर से वो कैसे करते हैं कि कितने रूपी का तुम्हारा हिसाब हुआ स्क्वाइर फीट में आपको मालू है स्क्वाइर फीट में लिखना इंडिया में जुरम है

6:51इंडिया में लिखके आप बेच नहीं सकते

6:56इंडिया में MKS सिस्टम होता है तो कोई भी टाइल आप खरीदने जाओगे आप बजार में बोलोगे एक फूट बाइक फूट की टाइल दे देना लेकिन आपको 300 mm बाइक फूट नहीं लिखा होगा उसके उपद तो अपने बिल पर ये लिखके कॉंट्राक में नहीं लिख सकते जुर्म है तो फिर क्यों चलता है क्यों चलता है क्योंकि चलते आया है लेकिन वो बात भी सही है गवर्मेंट की कि वो बहुत ज़्यादा डिफिकल्ट है फीट में अध्धा पववा च्छटक या ऑउंज फरलॉंग तो बहुत सारी चीज़ें फेज आउट हो गई है ऐसा नहीं कि सारी फेज आउट नहीं हुए लेकिन अभी फीट जैसे चीज़ें फेज आउट नहीं हुए अब सेड़ सेड़ में कोई बात नहीं करता सब कुछ किलो ग्राम में बहुत चीजों में बहुत चीजों में बहुत होती है लेकिन बहुत चीजों में अभी भी फिल्ड में बहुत हो रही है अपन अभी भी जो लोज मर्रा की घर की चीजें हैं दरवाजा कितने 3x7 ले आना बर 3 ,2 ,7 का दरवाजा नहीं होता

8:04तो अब क्या है कि आपको जितना रिटेन माटीरियल मिलेगा जितनी पीडियाफ मिलेगी जितनी कंपनी की जो भी कुछ हो मिलेगी उसमें सब M.M. में लिखा होगा और जितनी आप बाचीत करोगे वो सब फीट में करोगे वो सब्सक्राइब करोगे केवल इंटरनेट अगर देखोगे तो शायद वहां सब कुछ अमेम में दिखाई देगा क्योंकि वहां तो लोजमरा की बात पहुच नहीं रही है तो बीटुवी का जितना भी पॉब्लिकेशन देखोगे वो सब एमेम में देखेगा नाइस और ऐसे कौन से पैटर्न जो फिर दूसरी बात बताता हूं तो जैसे लोहा है सरिया मकान बनाते हैं सरिया लगते हैं तो सरिया जमाने से कोट होती है प्राइस पर केजी लोहा अजकल क्या चल रहा है 57 रुप्य पर केजी चल रहा है लेकिन सर्य की कॉंटिटी जब भी पूछी जाएगी कि आपको कितना चाहिए तो कोई केजी में नहीं पूछता है तो टन में पूछता है ठीकी एक किलो कोई नहीं हरिते है एक किलो सर्या थोड़ी खरिते हो तो उसका जो प्राइस है वो टन में ही है लेकिन बोल चाल की भाष़ा में तो पब्लिश टन में होता है कि आज का प्राइस है 5780 तो उसका प्राइस हो गया 57 रुपैसी पैसा तो ऐसे तो बहुत सारी चीज़ें होगी जो रियालिटी मार्केट में जाओगे आप तो रियालिटी बहुत कुछ अलग है तो अगर आप पेवर पेवर आनलाइन बनाते हो कोई चीज मतलब केवल आपने 4-5 गूगल के सवर्च देख ली 4-5 क्यों आप 10-20-50 भी देख ली तब भी मतलब आप अगर PDF जैसे में बता रहा था MM वाली तो आप Tiles की 500 PDF देखोगे तो 480 में आपको MM में मिलेगा आपके अज़ बहुत डेटा होगा यह ओन ग्राउंड तो होगा क्योंकि इतना सालों से धीर धीर धीर करके बना है and online आपके platform की वज़े से भी आपके बहुत data हो क्योंकि लाखो करोडो लोग trade करते हैं almost every day with your platform तो ऐसे सबसे counter intuitive ऐसे data कौन सा देखा जो आपको भी surprise करी है कि यह कैसी चीज दिखे रही है platform पे तो एक दिन मैं ऐसे दिख रहा था कि proprietorship और partnership और private limited जनरली हम लोग बिजनेस जब करते हैं तो तीनी तरह के वो होते हैं प्राइबिट लिमिटेड या एल एल पी बनाते हैं जो कि प्रावपल M.C.A.

10:39में रेजिस्टर करके प्रावपल शेर होल्डिंग रेज्टर या पार्टनर्शिप फर्म बनाते हैं वह हम और आप आपस मे हो गई बन गई पार्टनर्शिप या प्रोप्राइटर्शिप तो इंडिविजल ही है तो मैं ऐसे देख रहा था कि actually I was trying to find कि हमारा जो customer का retention है और customer का upsell है वो अगर मैं अलग -अलग cuts पे निकालता हूं या अलग -अलग states पे निकालता हूं तो वो कैसे behave करता है across these things, across turnover across different states, तो यह मैं करने की कोशिश कर रहा था, तो मैंने देखा कि बाकी पूरे इंडिया में ज्यादा तर 10-12 % लोग partnership है गुजरात में 22-24 % लोग partnership है, double तो जबने गुजराथ जाके जब जाओंगा तो एक्टिली इसको आन ग्राउंड ही पूछूंगा इसका कोई मझे आंसर नहीं मिला कि वहाँ पर ऐसा क्यों है मतलब पूरे इंडिया में वह 8 से 12 परसेंट है और वहाँ वह भी से 24 परसेंट है और गुजराट लोइस्ट इंग्लिश स्पीकिंग मतलब बिजनेस में तो मैंने जो इंग्लिश की उनकी वो है प्रोफिशियनसी वो लोइस्ट है और आप सोचों कि गुजराटी अमेरिका से लेके अफरीका से लेके कहां नहीं पहुचे हुए है दूसरी बात बताता हूँ गुजरात का मेरा बायर का पेनिट्रेशन जो बायर इंटरनेट पे आके समाण दोनता है वो लोएस्ट है अक्रास इंडिया लोएस्ट मतलब इन दी बिग सिट्ट बिग स्टेट्स छोटे वाले छोड़ के छोड़ देता हूं और उसका जो seller side का penetration इंटरनेट का वो highest है मुझा खरीटता नहीं सब बेची रहे मतलब खरीटता नहीं कि मेरा simple insight यह है कि लोग वहां के आसपास के लोग internet पे बहुत ज़्यादा नहीं use करते लेकिन फिर भी उनको opportunity पता है कि अच्छा internet से बेस्प्लें तो बाहर दुनिया में लोग देख रहे होते हैं या बाहर के दूसरे cities में लोग देख रहे होते हैं So they understand the internet and the advertising medium Whether or not they are using it for their own purpose own sourcing तो purchase बले यहां से करे नहीं करे हैं So they are least internet user in terms of time लेकिन highest penetration है इंडिया माट पर एजी कौन सी चीज हैं जो ये सब states का data होता है अब क्या सब लोग लोग पेच रहे हैं कौन सी चीज हैं जो लोग search कर रहे हैं desperately पर उनके suppliers बहुत कम हैं तो अभी ऐसी वाली बहुत सारी चीज़ें तो बीच में जैसे जब ये इसका तेजी से काम चालू हुआ ये रिक्षा का तो पिछले करी ये रिक्षा कोई बहुत पुरानी चीज़ नहीं है मुश्किल से साथ -ाठ साल तो हुए है और पिछले जब कोविद के बाद से एकदम से यह रिक्षा बिलकुल जागया और यह रिक्षा है सबसे अच्छी चीज, मद्चे लगता है कि अगर इंडिया के हिसाब से यह रिक्षा या फूद डिलिवरी या एकमर्स डिलिवरी या इन्स्टामाइर्ट जैसी कुछ चीज़ें हुई है और मुझे पता है कि

14:36Y2K में छोटा मुटा कनवरजन, BPO में बहुत या कुछ डेटा एंटरी का काम, ट्रांस्क्रिप्शन का काम, बहुत इंप्लाइमेंट इंटर का काम, यहां पर मास में इंप्लाइमेंट जनरेट हुआ, एक पर्टिकुलर स्किल सेट के लोगों के लिए, वहीं पर उससे नीच जाओ गे तो वहाँ पे इतना ज्यादा डिमांड नहीं थी तो फिर आप आप कंस्ट्रक्शन वर्करी बन सकते थे यह रिक्षा इटसेल्फ में बहुत इंप्रेंट काटेगरी थी बच्छे लोग खेर वो तो आप नहीं बना सकते या लेकिन उससे रिलेटेड प्रॉडक्स म धूम मची हुए थी और अबी भी शायद है चाहे उसका बैटरी है उसके रिप्लेस्मेंट पार्टेस है चाहे उसकी टाइर है चाहे उसका रिम है चाहे उसका रिपेर्प मिदा उससे ड्रिलेटेड में हजारो हजारो समान्ों में लगा हुआ है मुबाइल एकसेसरी अपने आप में आज की तारिक है मतलब एंडलिस मुबाइल एकसेसरी is the is the keyword and एकसेसरी मतलब any kind of accessory क्योंकि आप ऐसे सोचो इंडिया में 800 million या 80 करोड, 100 करोड लोगों के पास मुबाइल है चाहिए वो featureful मुबाइल क्या कुरिकæ 80 करोड लोग तो इंटरेटी एक्सेश कर रहे तो 20 exact करोड तो नॉन इंटरेट хотите भी mobile connection होगी तो 100 क्रोड लोगं के पस mobileileen बहुत बढ़ा मार settlements 900 कροड का चारजर से लेकर सप्लाई कम तो मैं नहीं कह सकता तब डिमांड ज़ाजा है तो डिमांड है अब सप्लाई कम तो आपको अपनी निश धूंडनी पड़ेगी क्यूंकि हमेशा सप्लाई कम तो नहीं रह सकती है मतलब वही मैं कहाँ रहा है supply कम वाला प्लीज मत ढूंडे demand जा रहा है वो ढूंड ले बड़ ऐसी भी तो categories होती है जो maybe difficult होती है enter करना और उमें किसी reason से demand बढ़ती है कि 20-30 % year on year बढ़ रही है और supply कम है supply 5-10 % से बढ़ रहा है एकदम से नहीं बढ़ पाया वो तरी कैच अप नहीं गर पाया वो जैसे आप एंवीडिया की चिपस ही देख लीजे यह मतलब तो वो कोविट टाइम में ऐसा बहुत वो अचानक से ना प्रिंटर अब प्रिंटर की अचानक से हमारे यह दिमांड बढ़ती चली गई और वो मल्टिप्लाइ ह नहीं जहुत रुए हैं तो पता लगा की सक्केम की तो यह प्रिजामी की हो गई हैं !!

17:29तो पजामा की डिमांड डबल हो गई है। तो ऐसे वाली बहुत सारी चीजें होती हैं जिनकी की डिमांड टाइम अप एंड डाउन होती है। तो फर एक्जामपल आप ऐसे समझ लो कि मैं 2000, सन 2000 के आसपास से सोलर पे देखता हूं। इंडिया कैसा कंट्री आफर साुथ इंडिया का बहुत ज़्याधा मुझे वह नहीं पता है कि महाँ पे कितने दिन दूप निखालती है, या कितने दिन पानी बरिस्ता है, बति नॉर्फ इंडिया में जहाता है, साल के 320 दिन धूप निकलती है मतलब नॉर्फ इंडिया, सेंट्रल इंडिया 300-320 दिन धूप निकलती है तो हार्डली कोई 50 दिन ऐसे होते हैं जो बादल बारिश के होते हैं बाकी 300 दिन पूरी धूप निकलती है और अच्छी मतलब 12 गंटे, 13 गंटे की धूप निकलती है, 11 से 13 घंटे की अच्छी धूप निकलती है और इंडिया में पावर डिस्ट्रिबिउशन गाउं गाउं तक उतने अच्छा है भी नहीं तो सोलर से रिलेटेड जित्ता भी कुछ है, और फिरी की बिजली है भाई, मतलब आपको कोई के फी आपको केवल आ रही है कैच करनी है उसके उपर कोई सरकार का कंट्रॉल भी नहीं है तो अगर आपके आँए के घर के नीचे तो वो सरकार का है लेकिन आपके आपके ने पानी बरस गई अवो सरकार का नहीं है दूपा गई वो सरकार का नहीं है तो आप उस धूप से अपना पानी से अपने खेत में डाल सकते हैं पी सकते हैं ऐसे उस धूप को आप अपने लिए इस्तेमाल कर सकते हैं टैक्स फ्री वो है सन का इस्तेमाल नहीं हुआ है और वो अभी मतलब 50 सालों तक क्योंकि अप छोटे -चोटे power cells बन गए हैं, उनको आप लगा दो उपर रख दो, जैसे हम दूप में समान रखते हैं अपना सुखाने के लिए, वैसे आप रख लिया दिन में, एनरजी कटी हो गई, अब आप इस्तिमाल करो जहां भी इस्तिमाल करना, एनरजी स्टोरिज में बहुत कुछ काम होने बाकि ह equivalent of balti तो balti हर घर में है balti और टब हर घर में बिना उसके काम नहीं चलता balti लोटे के बिना काम नहीं चलता वैसे समझे कि यह जो solar cell है वो balti लोटा बनने वाले है इतनी demand होगी हां मतलब इतनी common चीज हो जानी है जैसे हर घर में बाल्टी लोता होता है आपके घर में सूलर अगर मसर्व कज� Bodger कर अगर बाल्जी इनर्जी कलेक्टर तो होना चाहिए नहाँ है बहुत सारे जितने सोलर में जो ग्रीन अनर्जी हैं सोलर के समने जो ऑंट्रोपर्फ Virginia सें भी उलर तो बड़े बड़े ही ये किया, मानी ने ये किया, इस ने ये किया, पर वो सब भी इतने छोटे -छोटे लोगों से खरीदना चाहते हैं चीज़ें कि जो है नहीं, और बहुत सारी इस पूरी वैल्यू चेंड में चीज़ें, बहार की country से आती है, इंपोर्ट होती है, तो अगर उसके भी आप एक एक प्रॉडक्स को पकड़ लो आपकी investment के साब से तो बहुत opportunity लोगों को कि वो यहीं पर यहां तो बनाया है यह इंपोर्ट करें यहां बेचें यह उन्हीं लोगों के साथ business करना start कर दे जो इतना आसान नहीं है पर still opportunity बहुत है

21:38पूरी एक बिजनेस लाइन जब फिलती है और अनलाइक कि बहुत सारा वाटर हमारा यहां पलूट हो जाता है क्योंकि भगवान ने उसका स्टोरेज और transmission system दिया था हमको नदियों के रूप में हमने उसको लेकिन ये pollute नहीं हो जगता मतलब जो sun से आता है वो इतना ज़्यादा अगर हम रास्ता ही pollute कर दें उसका मतलब जो आजकल pollution हो रखा है दिल्ली में वो बातल है वो अज़ अलग बात है करी रहें इन फैक्ट अब देखो तो मुबाइल क्या है मुबाइल में एक हार्डवेर है जो चलो मान लेते हैं कि उसका उपरेटिंग सिस्टम आप नहीं ओन करते हैं कोई गूगल ओन करता है बट अब उसके उपर अप्स हैं मतलब कोई भी जना अप बना रहा है और बना ही � हैं लोग, मतलब सभी लोग अगर एप नहीं होता, आज यूट्यूब नहीं होता, आज रील नहीं होती, आज वाट्टेप नहीं होता, तो हम यह नहीं कर रहे होते हैं, तो मुबाइल के राउंड और मुबाइल दुनिया में 80 % लोगों के पास अल्रेडी पहुँच चुका ह तो यह मान लिया जाता है कि 80 % पहुंच या मतलब 100 % penetration है हर आदमी को है अब हर आदमी को है तो और ये mobile एक ऐसे चीज़े कि जो जिसकी lifetime value टिपिकल तीन साल पांच साल चार साल दो साल से लेकर चार साल depending upon

23:11कौन कितना fancy यूज़ करना चाहता है कौन कितने पैसे लगान चाहता है तो दो से पांच साल के बीच में तीन से पांच साल के बीच में अब उसके अराउंड में उसको ऐस फैशन स्टेटमेंट गनाया जा सकता है कि उसके उपर मैं अलग -अलग एसेसरीज लगा हूँ यूटिलिटेरियन angle हो सकता है कि उसकी मैं mobile stand बना हूँ, mobile stand का distribution करूँ की उसको पर sticker लगाऊं की तो एक तो यह बिलकुल उसको सजाने और उसके utilitarian उसका charger उसका रखने वाला charger ऐसे वाला charger वैसे वाला charger bedtime charger office charger दिस डाट और दूसरा उसके अंदर जो उसकी capability है क्यों कि अब 6 बिलियन लोगों को उसके डिस्रिबिशन है तो आप उसके ओपर कितना कुछ कर सकते हो मतलब वहां पर नहीं बहुत सारा अपर्चिनिटी और ये लोग सोचते हैं ना कि बस अब यह हो गया इसके बाद थोड़ी ना कुछ every five years this will open up newer avenues newer avenues for distribution तो कितना data collect हो रहा है सिक्षी वज़े से जो कि पहले computer से तो collect नहीं हो सकता था और अब इतनी processing capacity हो गई है इतनी storage capacity हो गई है और अब इतनी technology see technology क्या AI as a subject नहीं पढ़ाया जाता था 1975 में यस पढ़ाया जाता था बट क्या हमाँ पस उस ताइब की CPU थी क्या हमाँ पस उस ताइब का memory था क्या CPU memory बन नहीं सकता था बन सकता था हमाँ पस इतना data ही नहीं था data collection का कोई तरीका ही नहीं था अब हमाँ पस वो data collection के तरीके हैं इसलिए फटाफट CPU भी बन रहा है security करूंगा वो भी एक business है तो mobile के round up मतलब mobile, mobile का software mobile के software के अंदर accessories, hardware, software end to end services app as a service India Mart भी आज की तारिख में आ सके तो mobile service ही कर रहा है 60-50 % traffic mobile पर यह है तो mobile अपने आप में बहुत बड़ा piece है तोग बनेफाक्ट्रिंग, अभी जैसे चाइना प्लस वन, वो सब बोलते हैं कि इंडिया के बहुत फाइदे मन्द है, और इंडिया को उसे फाइदा भी होगा, लेकिन आप एक चीज़ से बात करते हो कि चाइना सप्लाइ नेशन बना तो इंडिया भी सप्लाइ नेशन नही बना है, is it?

25:59Supply nation to the world भी नहीं बना है, मतलब to India itself भी नहीं बना है, तो I think तो China कैसे supply nation बना, उन्होंने क्या करा, and then फिर India कैसे supply nation बन सकता है manufacturing में, so that वो जो अपना एक sector है, जहां पर हम comparatively दुनिया के सामने strong है at least अगर उसमें हम manufacturing की opportunities पे देखे हैं

26:28इन्फराइस्ट्रक्चर की अविलेबिलिटी की वह जरूरत है, मतलब हमारा ट्रांसपोर्ट सिस्टम वीक था, चाहे वो, मतलब वीक नहीं कहूंगा, मतलब लेकिन, अट पार नहीं था, कॉस्टली था, मतलब सेम ट्रक को यहां से, कहीं तक पहुँचाने के लिए, दिल्ली में रुकावटें थी, नो इंट्रे थी, बाई पास नहीं था, इस ताइप की इशूज हैं, तो अगर एक ट्रक जिसको 22 घंटे में छुटी मिल जानी चाहिए थी, वो 44 घंटे चलेगा, तो अब इसलिए कोश्ट अबढ़ेगी ना, similarly जो I think manufacturing hubs या parks या वो बनाए तो जैसे नौईड़ा बना हमारे वहाँ पे या गुड़गाओं के आगे उधर मानेसर वगरा बने खरीदाबाद बना वहाँ पे कभी कभी किसी किसी शहर में ज़्यादा बन जाता है किसी शहर में कम रह जाता है तो वहां पर आई तिंक थोड़ा और इस आफ डूइंग बिजनिस की तरफ लेकिन कुल मिलाक अगर दिखा जाए तो इतनी डिमांड भी नहीं थी दबलब हमारे हां से इंटर्नल हम अपना रास्ता तै कर रहे थे 2000 डॉलर से 8000 डॉलर पर capital BPPT ठीक है चाइना रास्ता तै कर रहा था 5000 डॉलर से 25000 डॉलर का तो I think हम दोनों के initial take off point यह आप कह सकते हो कि 1989 में तो नों बराबरी थे 1990 से पहले है तो internal demand में भी उनकी उस time पे तनी जादा नहीं होगी जितनी export मनों दुनिया में तो दो बात दी एक तो अपने को थोड़ा इजी मनी आना शुरू हो गया विकाज आफ इंडेस्टरी उतने से भी बहुत फरक पड़ता है तो कि आपको इजी मनी आना शुरू हो गया तो आपका पूरा ध्यान जहां पैसा आ रहा है उधर तो लगाओ तो सब entrepreneur वहीं चले गए और सब government भी वही थे हैं government भी मतलब engineering college बनने लग गए उसमें जो भी पैसा वे साथ policy पैसा जो भी लगा तो उधर ही जाले गए वहीं से जो लिख ले वो और क्योंकि एक infosys का जो success story थी उसकी वज़े से पूरा नोएडा, पूरा गुरगाउं, पूरा हिदराबाद, पूरा बैंगलोर, पूरा चिन्ने, वो सब मिनी इंफरसेस बनने का सपना देखने लगाए, एंड वाई नॉट, मतलब जहां पर जिसके हाँ जो सकसेस हो उसको ज़्यादा वो करना ही चाहिए और दूसरा फिर दूसरा जो उसकी वज़े से जो हमारी इंफराइस्ट्रॉक्चर जैसी जरूरत थी क्योंकि मैनुफैक्ट्रिंग को ज़ा इंफराइस्ट्रॉक्चर चाहिए वो चाहिए बहुत high speed infrastructure मतलब power हो road हो तो हमने और हमारी जरूरते हैं because उधर की side पे IT वाले आ रहे थे मतलब हमारा telecom, banking सारा television ये वाला sector अच्छा चल रहा था तो उसकी वज़े से जो ज़्यादा development हुई भी वो हुई airports में या मतलब ऐसी चैप की जो की ट्रांसपोर्ट में ना की ट्रक ट्रांसपोर्ट में तो जिसके ओपर शायद स्टार्टिंग फ्रम यमिना एक्सप्रेस वेज या आगरा एक्सप्रेस वेज इसको बोलते हैं नोएडा से आगरा का उसके बाद यूपी में अच्छा खासा चार पाँच छे एक्सप्रेस बे का काम हुआ है तो जो बाजपई जी ने वो गोल्डन कौड्रिलेटरल प्रोजेक्ट बोले थे उसके बाद अगर उसको हर साल multiply करते चले जाते वो I think उन्होंने शायद वो China जैसी किसी चीज को देख की बोला होगा तो वहाँ पे जो China में ease of doing that production in time or automating that production in time, क्योंकि इंडिया में कुछ और भी काम कर रहा था कि इतनी labor का हम क्या करेंगे हम इतना सारा automate तो नहीं कर सकते

30:57नेवर लेट मतलब इसमें कुछ ऐसा नहीं है कि छूट गई गाड़ी है अभी आपके हां के सारे लोग 30 साल के ही है कोई बहुत लेट नहीं हो गया कि हम लोग 45 साल के हो गए हैं तो जब भी आपको इस हमान इंटरनेल बनाना शुरू करोगे धीरे धीरे इंपोर्ट बंद हो जाएगा अब जैसे ही चाइना प्लस वन जो पूरा वर्ल्ड कोविट के बाद इजरा आ रहा है आप देख रहे हो मैनिफैक्टरिंग में ग्रोथ हुई है कौन ती इसी कैटिग्री से जहापे actually लोग यहीं से खरीदना चाहते हैं यहां पर डिमांड आईए बाहर के लोगे यह थोड़ा मतलब थोड़े दिन के लिए होता है but at the end of the day दो को बिजनेस हो चाहे कंजूमर हो उसको quality और price important चाहिए होता है और तीसरा उसको मतलब कुछ यह चाहिए कि इंशुरंस चाहिए मतलब चाइना प्लेस्वानिया तो डाइवर्सिफिकेशन इंशुरंस डाइवर्सिफिकेशन इंशुरंस की वज़े से कोई आदमी 2-4-5 परसंट तो प्राइस ज्यादा दे सकता है 2-4-5 परसंट क्वालिटी में अब डाउन कर लेगा.

32:11कंप्रमाइस कर सकता है. बट अगर वो करेगा तो फिर वो 10 %-20 % वाल्यूम उदर रखेगा. अगर वो उग्रा नहीं देगा. हाँ, मतलब अगर मेरे को बेटर प्राइस और बेटर कॉलिटी जहां मिलेगी. मैं 80 % वाल्यूम तो महा रखूंगा लेकिन इंशुरेंस के लिए 20 % वाल्यूम इदा रख लूँगा कि कल पे कहीं वापे खत्रा है तो तो मैं कम से कम मेरा बनना हो जाए तो जो डाइबर्सिफिकेशन तो उस चाइना प्लस वन करने से आपको केवल वो 10-20 % का ही गैन मिलना था क्योंकि अभी यू आप टो बीट यूर इनो स्पीड और प्राइस और क्वालिटी अल थ्री तो गैन था रेस्ट 80 % रेस्ट 80 % और रेस्ट 60 % तो वो अभी होना चालू हुआ नहीं है कहीं कहीं पर ऐसे अगर आप देखोगे तो बहुत सारे सेक्टर निगलेट हो रहे हो गए जहां पर मतलब ध्यान नहीं गया बस ध्यान नहीं गया बस जैसे कौन से सेक्टर?

33:20बहुत सारे चोटी चोटी सेक्टर है कहीं पर मैं पढ़ रहा था कि CCTV कैमरा भी अभी पूरा का पूरा इंडिया में नहीं बन बन पाता जब कि हर गली हर नुकर हर रेस्टरां एर लिफ्ट हर इसमें है अच्छी अंडिस्टिरी है है काफी यूस्फुल � Anडिस्टिरी है स्टिल में भी अभी बहुत कुछ है मतलब है भी भूछ बहुत सारी items हैं जो export से अगर आप export के point आप मैं से मत दिखें, मैं पहले कर रहा हूं कि पहले export का मूँ भरने के बजाए पहले आप अपना import तो सुधारो इंपोर्ट तो कम करो जहाँ बहुत सार import जो कर रहे हो उसे बंद करो ताकि तुम यहीं पर बंद करो मैं इस पहले यहां बनाओ ताकि बंद हो बंद मलब that's what I meant मलब don't do that protection, protection करने से नहीं बंद होगा, यहां पर हमारी capability इंप्रूफ करो ताकि हम यहां से चीज़े उठान लगे आपने आप नैचुरल ही होगा, नोगवे को जैना बाहर से इंकोरे गाशनी को, किसी को, या तो कोई चीज सहान इसलिए इंकोर होती है, चिह मुझे ब्रैंग चीह, गॉट बादा चीह, तो ठीक है प्राइडा चीह, तो मुझे अपल चीह, बनाओ एपल इंडिया में, that government can force them कि ठी के जी आपको 50 % समानी है इंडिया में बनाना पड़ेगा या सम्छिंग लाइक आपकी यहाँ पर बड़ी अच्छी डिमांड चल गई है आपको यहाँ पर बनाना पड़ेगा नहीं तो मैं इंपॉर्ड अगर आप इंपॉर्ड करोगे तो ज्यादा डियूटी लगा दूँगा दोजार जिनका की ब्रैंड भी बाहर का है जो ब्रैंड की वज़े से बिखता है नॉट की जेनेरिक पार्ट है मतलब वो तो फिर आपको क्वालिटी से जीतना पड़ेगा क्वालिटी और प्राइस से जो brand की वज़े से आप खरीतते हो उसको आप इस तरह से force कर सकते हो कि भाई ये तो आपको इंडिया में बनाना पड़ेगा नहीं तो हम 10-20 % additional duty लगा देंगे कौन से इसी graveyard categories है हमारे तर कि जहां पर हर कोई business चालो करता है लेकिन लगबाग डुबाते ही है गार्मेंट्स है रोटी कपड़ा और मकान में कपड़े का जो बिजनेस है वो कपड़े का बिजनेस इस दी मोस्ट कॉमन बिजनेस चाहे वो डीटूसी हो चाहे वो trading हो, B2B हो retail हो वो सबसे बड़ा बिजनेस है पूरे इंडिया में मतलब इन्था आब बजार जाओगे तो बजार का मतलब क्या होता है मतलब कप्रा है बजार मतलब कप्रा या खाना तो बजार और वह सबसे ज़दा उसमें लोग इंट्री भी लेते हैं और सबसे ज़दा फेलियर रेट भी होता है मतलब उसी की पूरी चेन में चाहे वो लोग उधारी में मरते हैं, चाहे वो लोग wholesale की उधारी में मरते हैं चाहे वो लोग design नहीं करक करश पाते चाहे वो price नहीं compete कर पाते और ये industry भी थोड़ी न हुआ cyclical होई जाती कहीने कहीं से मतलब यंश में बहुत सजड़ आ ह्या भी हुआ लूगत में वह उन के जड़िएसूता कॉड़ी है उस में पोड़ा मी नाक करना है

36:55मुटने न नाक जाना बाघा है lucrative and most risky business is कि आप builder बन गए मतलब becoming a builder or becoming a colonizer or becoming कि आप flat बना रहा हूं is the most risky and most rewarding because वो अगर बीच में project हास किया तो आप पूरी तरह से गए but वो as a industry अभी भी ऐसी है even उस industry में मैं देखता हूं कि कितने लोग बहुत simple business दिखका ना– गिट्टि का एकर उसके फोल्डिंग लगती है यह के और फाइर फाइटिंग का यह के और पैंटिंग का बहुत लोग करना चाहतें गिए समान पीचे से या तुदारं पर मिल जाता है पर अंधर यह गैट डाल दिया और किराय पर चाड़ा है महां पर भी बहुत आना जाना है तुम मेना इसे आना जाना है बहुत सारे लोग आते हैं फिर चल ले आते हैं और आते हैं इंड्या वार्ट में आते हैं फिर चल ले आते हैं ये बैट ऐसा नहीं है कि उन गेटेगरी में लोग सक्सीड नहीं करते हैं एसे बाइन जो कुछ लोग हैं जो इंडिया वार्ट पे था बहुत अगर पर था रिख रहा है। अदिक्तर लोग नहीं कर पाते हैं बढ़ा देते हैं। तो वो क्या ऐसे वह करते हैं। तो उसमें पर्सिभेरेंस का वह बहुत है। रिफ एन परसीवरेंस का बहुत है, तो बहती गंगा में, जैसे मैं आज AI बोल रहा हूँ, अब इसी सेम चीज़ को आप, या इसी सेम चीज़ को आप, इसको आप सुचते कैसे हो, कि ये बहती गंगा में हाथ धोना है, या यह गंगा मुझे पार लगा देगी तो सेम गंगा आपकी इंटेंशन से उसमें हाट डालते हो या पैर डालते हो इट विल हाव दे सिमिलर एफेक्ट अन यूर बिजनेस तो अगर तो आपने इस इंटेंशन से हाट डाला है तो फंडिंग मिल जाएगी और कर दूँ तो अगर आप इस इंटेंशन से घुसे हो कि नहीं यार एई आई इस हेर टो स्टे एई आई इस सोलर इस हेर टो स्टे मैं तो इसके अंदर मुझे अपनी जिंदगी बनानी है मुझे दस बीस साल अपना एक नहाँ पूरा बिजनस प्रणाना है ये इंटेंशन का ही फरक है तो जो लोग इंडिया मार्ट ऐसे जोईन करते हैं कि नहीं यार इंटरनेट पे बिजनस होता है सब लोग कर रहे हैं हम भी करेंगे कैसे नहीं होएगा अगर आप ये सोचके गुस होगे तो बनेगा क्योंकि होगा क्या सिमिलर तरीके से है बिल्कु आप ऐसे स्वामच के चलो जब आप दुकान खुलते हो कहीं पर बाचार नाप पैसे तो नहीं क्होल देते कि 3 ,000 रुपे डाले और दुकान क्होल दी तिन रु क्टे नाप रुपे गर भाइशे किराइप लेते हो

40:00तो आप कहां पे दुकान खोलनी है उसको थोडह ध्यान एकर की खुलते हो पिवर उसमास लगे रहते हो भाई ये तो हमारे पाश नहीं है समान अच्छा ये नहीं है कल से चार लोग ये वाला समान पूस्थने आ चुके हैं या वाला समान भी कल से लाके दुकान पर रख लेता हूं या नहीं है भाई सको ये वाला दुश़रा दिखा दूँ अब आप इंटरणित पर अगर इस मिहरों जब अब आप ऐसे करोगे और आप शक्रेट कर जाओगे एसी कोई काटीगरी चरी देख तो इसमें जो अनों आइस आइसे हो रही है जो पहले लोग खुला खरीद लेते थे, किसी भी चीज़ पर खरीद लेते थे, अब ब्रैंडड पही जा रहे हैं लगा अब यह स्टोरी काफी अच्छी है, जो लेंस काट की स्टोरी है unorganized unbranded कहानी थी जहां पर हर छोटी छोटी जगे पर optics की दुखाने होती थी फिर एक ने consolidate करके brand बना दी कि lens का ठी है बहले अंदर material, काम सब same type का होता है जैसे नहीं होता है तनिश्क में भी यही हुआ है, जैसे हेलमेट एक कैटिग्री थी, उसमें स्टील बर्ड है, इस प्रिमीट ही ना में कहा नहीं है, स्टड्स है, स्टील बर्ड, स्टड्स, तो अब लोग मांगते हैं वो, कि वही वाला हेलमेट चीए, पहले लोग हेलमेट ले तो वही बहुत बड़ी बात है, जैसे कौन के पांच ब्रैंड नहीं एक्जिस्ट करते हैं I think there is a place for you to go and create brand तो जैसे कौन CAC categories होगी जहां पर आपको लगता है यह top 10 brands नहीं है brands मतलब अभी तॉप लेको तेबल चेर अभी को इंडिया और नाशनल ब्रैंड नहीं है मतलब गोद्रेज है, कुछ है, फेदर लाइट है, कुछ है, नील कमल है, कुछ है, बट आइम सेंग कि ये सारी केटिगरीज में अभी बहुत स्कोप है कि अगर आप 10-20 ब्रैंड लेड बनाना चाहते हो, मतलब कौलिटी ब्रैंड उस तरह से बनाना चाहते हो, वेर वैल्यू economics का business बनाना है, वो एक piece है, और brand बना देना है, वो फिर value create कर देना है, वो दूसरा piece है, that's entrepreneurship या मतलब जिसको start-up जिस purpose के लिए जिसमें funding होती है, या वो होता है, तो इंडिया मार्ट में ज़्यादा तर हम जो चीजें कोशिश करते हैं वो कोशिश करते हैं, कि हम आपको एक unit economics led business बनवाएंगे मतलब उसमें उसमें हो तकता है कि किसी में säga क्वेवरेबल रहते हैं किसी अपी किसी category में नहीं रहते हैं कौन सी category में बहुत favorable है और कौन सी अप काटेगरी में बहुत favorable है जब राखी, हमने IGP.com करके एक बिजनस मैं ने चालू किया था नाइटी नाइन में, दिवाली पे मिठाई उठाई पहुचाने का, इंडियन गिफ्ट पोर्टल के नाम से, और उसमें हमने देखा कि, तो हम पहले वो दिवाली का किया था, फिर वो बर्डे गिफ्ट किया और लोग बिजतें उठाई उठाई तो यह से करके हमने e-commerce चालो किया तो कि उस समय e-commerce था कि खुद के खरीदने के लिए e-commerce लेकिन अगर किसी को दूर delivery करानी है तो उसके लिए e-commerce made some sense तो उसमें समझ में आया कि यह राखी में it is almost like a mandatory for people to do things do this gifting unlike in Diwali मैं भेजू ना भेजू बड़े मैं भेजू ना भेजू केक भेजू ना भेजू मिठाई भेजू ना भेजू कार्ड भेजू ना भेजू लेकिन राखी is a mandatory and राखी में राखी की value उत्ति important नहीं है मैंने कितने का कि खरीद के भेजी वह इंपॉर्टन्ट है मुझे पता लगना चाहिए कि मैंने 1100 की राखी भेजी तो राखी की सजावत इंपॉर्टन्ट है दागे की वैलिए ने इंपॉर्टन्ट है

44:35तो वेरेवर इट इस जहां पर देने वाले का या खरीदने वाले को यह कि मुझे इतने का गिफट चाहिए वो सेंस करता हूँ वहाँ पर अभी आप देखो तो अब जैसे आप समझ लो कि कपड़े में ही है कपड़े में कपड़ा तो मतलब वही 40 रूपे मीटर ही आता है या 100 रूपे मीटर ही आता है मतलब जो ओपर का ड्रेस माटीरियल है वो टिपिकली 50 रूपे मीटर है मैंना इसे 50 रूपे मीटर 25-75 रूपे लोगा और यहां अगर आपका वो शूटिंग का आइटम है, तो वो 100 रुपे मिटर है, अब वो 80 से 120 के बीच में होता है, अब उसको आप कैसे भी बेच लो, कपड़ा तो जैसे ही रहेगा, लोहा है पर एक जामपल, तो लोहा है, 50 रुपे की लो है, तो आप लोहे की चेहर ही बना लोहे, या पर लोहे का छो� पैकिट्स बना सकते हो जैसे ही यह ड्राइफ रूट्स का यह पैकेट बनाने का आज बौध बिजनिस है मतलब ड्राइफ रूट्स माननो हजार रुपै केज़ी कोई आइटम आता है अब आ अब आप उसका दद 50-50 ग्राम के पैकेट लगनाए है कुछ सीजनिंग डाली है अब वो नन अफ दोस विल रेली कॉस्ट यू नाव यू रू आप पैकेट पर मेबी 200 300 रूपीज पर पैकेट नाल में मतलब डाल कोई ब्रैंडड दाल थोड़ी है चावल कोई ब्रैंड चावल थोड़ी है तो दाल चावल आप सुचिए जब टाटा ने डिसाइड किया कि नमक हमें टाटा नमक करके बिज़ना है तब तक नमक का कोई सिंगल ब्रैंड ही नहीं था आज भी आप देखो नमक दो तीन ब्रैंड के लावा नमक ही नहीं आता तो क्योंकि एक तरफा मार्केट ले गया हूँ इस बड़ा है इसी वाली हर चीज में पड़ी हुई है अजवाइन का कोई ब्रैंड है क्या आपको बता है बंधनी हींग आपको बता होगा शायद हींग बता है क्यों नहीं आजवाइन नाइस तो ब्रैंड वाले खेल पाने तो ऐसे चाहे मसाले हो, चाहे खाने का हो, जो आज कर लेके चल रहा है मतलब, हैल्दी, सौ सावा सो करोड़की तो य। तो उस टाइप के जो भी समान आप पैक कर सकते हो क्योंकि लोगों को धीरे -धीरे ऐसा नहीं कि खुला समान बिकेगा नहीं अभी भी मतलब नीचे बहुत सारी जनता है इंडिया में हर तरह के उसके लिए प्राड़क के लिए कस्टमर सेग्मेंट है 140 करोड़ लोग हैं और हर सेगमेंट में 10-10 करोड़ लोग तो हैं तो 13-14 सेगमेंट हैं कुछ लोग आज भी वो नमक ढेले वाला लेके ही रखते हैं उसी में से थोड़ा सा तोड़ करके खालेते हैं और कुछ लोग अभी मतलब उनको वो इसे वाला मतलब नमक्ची है जो हाथ के हाथ ऐसे घुमा के निकालेंगे तंदे में मतलब इंग्रीडियन्ट्स क्या है कैसे हिंदुस्तान में तंदा कैसे बनता है क्या खरीदती हिंदुस्तान की जंता कौन सी चीज़ों पर भरोसा नहीं करती

48:19जनता नहीं है। हर 20-20 करोड़ की 5 हंदुसतान, 6 हंदुसतान है तो हर 10-10 करोड़ की जनता बिलकुल अलग है। और वो हर 200 किलो मिटर पर चैंज भी हो जाती है। तो ये वाला तो पीस आप अपने दिमाग से निकाल दो कि जनता क्या खरीटती है जनता क्या नहीं खरीटती है आप कौन सी जनता को cater करना चाहते हो आप decide करो आप Amazon बनना चाहते हो आप Misha बनना चाहते हो मतलब हर जगे पर scope मतलब scope दोनों जगा पर equal है बड़ाबर है बड़ा market है कहां पर कितना profitable है क्या unit economics है बो अलग बात है बट इसको भी था बदा है क्या सचू अको बदद बदा है पैसा की नहीं चशू हने है हो चैक्ट करेंश हुआ, खूसा को बहुत है तो यह जो जूते का ब्रैंड है यह हेश्पपीस का नहीं है भाग पर किस साल से झीचन से जूदा, जूदा ढर्यांड, सेम ढम्हिभाया है उताई। यह च Dragon मैं चाहिजा था हा ह respectfully.

49:42और एक लाकिप घर में रखा रहत हो पहले से हैं। यह चाहिन नहीं वा हुआ हम अपर अ आपके कि बाक यह यहाए हैlli से में लिया था, जब 2004 में मेरा टर्टनुवर 4 करोड था और 2007 मेरा टर्टनुवर कुछ 16-20 करोड था उसी मकान में रहते हैं हम दोens दून से ने, आज भी, और आज इंडिया मात केकता तर्टनुवर है, आज इंडिया मात का तर्टनुवर पिछले क्वाटर का 400 करोड था तो 1600 करोड है तो जो 16 करोड के टाइम पर जो मकान लिया था वो ही 1600 करोड करें वही उसी मकान में हो जाते हैं तो उसमें कोई चेंज और पैट किता है इंडियमाट का भी? करीब 500 करोड के आजपा साल का तो पांट सो क्रोड प्रॉफिट अगर कमाते हैं तो लोग सबसे लगा तो घरी चेंज करते हैं मतलब हमने अच्छा हमने उस समिंग के हिसाब से अफ़ी स्ट्रेच करके अच्छा घर लिया था और एस पर रिक्वार्मेंट हमको वो सूट करता है तो गाड़ी अभी भी similar to वही हंडा सिटी है मतलब वो सियाज हो गई है हंडा सिटी हो गई है पर ये सब नहीं कि चलो हम Lamborghini, Rolls Royce नहीं नहीं नहीं जमता है क्यों?

51:15पता नहीं अगर मेरे को comfort के लिए कोई चीच चाहिए मैं पूरा पैसा खर्च करूँगा लेकिन एको दिखने के लिए कुछ यह तो वो मेरा जमता नहीं है तो मैं मार्केट में जाओंगा अगर मुझे और जल्दी में शॉपिंग करूँगा मतलब ऐसा नहीं कि कोई तेंजूशी से करूँगा बट वटेवर आई लाइक

51:41यह उसका ज्यादातर की स्पेलिंग भी नहीं हाती अगर उसका मुझे तो लगता हुआ उल्टा पैसा देने चाहिए अगर उसके मेरे नाम पर यहां पर मेरे ब्राइड लिखना है तो मैं क्यों नहीं है आपका प्ले कपड़ा भी खरीद ओपर आपकी ब्रांड करों

52:05तो फिल्क बात करनी बन करती है क्योंकि हर क्वार्टर वैसे छप जाता है

52:30दूसरा I think मैंने कभी सोचा नहीं था कि मेरे लिए तो तब भी लाइफ सेम थी जो मैंने मेंने ले लिया था और मैंने सोचा भी नहीं था कितने सारे लोगं को जो हमीशा आप या शेयर्स दे रहे हैं यह कभी लोगों की लाइफ बदल देंगे. तो एक तो I think

52:57हमारा जब हम IPO गये थे तो 15 % के आसपास employees के पास ओंड था. Nice. And हमने 2018 में just before IPO चारपांचों लोगों को और अड़ किया था. I think by the God's grace और लुकिली वी हपन तो बी इन दे राइट प्लेस राइट ताइम और ऐसे में अगले एक देड़ दो साल में इस तिंग हमारा स्टाउक प्राइस रन अप फ्रम अल्मूस्ट टैमस हो गया था वहां से आधा हो गया तो जो हमने आइप्यो किया था महां चरह भी भी आप फाइब अप अप फाइब परसेंट तो एंद थाइट ख्रेट इस फो उच वेलथ तो अटी पीक उफ फट यूड़ा करोड कर अब टोड़ी खुर्ट थाज़ड़ा मार्केट कर अब तो धीड फीड ताउजड वेल्ड फीड थाज़ड रोड फ्रीड वो, that swelled to depending upon who had how much, who sold when and who had how much, I think it ended up creating 57 तुकर लोगों के लिए massive wealth, for some of them it was wealth wealth and for some of them it was like 50 लाक, 1 करोर, 2 करोर, 5 करोर, I think कितने लोगों ने मकान खरीदा, कितने लोगों ने मतलब गाडियां खरी दी मुझे लगता है कि वो मेरा piece उसके बाद से मैं दो बार 100 करोड कर चुका हूं मतलब मुझे नहीं लगता है कि मैं उसको इसलिए कर रहा हूं कि अच्छा या उससे retention कोई बढ़ जाएगा या कोई बढ़ जाएगा I found that that's a very good way of giving a locked up money to our wealth distribution system at least for these corporate employees.

55:02But tell me one thing जैसे आपने बोला कि आपको Amazon बनना ही नहीं आप एक दिए के सामान उठा के दुसरी जएके नहीं दलना चाहते है. अली बाबा सेम टाइप का बिजनस करता है नहीं चाइना में? नहीं दोनों अलग अलग बिजनस करता है. शो रिटेल के लिए वो यह करता है और होलसेल के लिए वो, जैसे इंडिया माट है वैसे करता है तो वो जो होलसेल वाला बिसनस है, ऊच्छा कैस्काव बिसनस है तो वो करीब 2-3 बिलिएं canणा रेविन्यू है 1-688 बोलते हैं उसको, जो main alibaba.com बिसनस है और 1688.com है वो करीब थाई बिलियन डॉलर का बिजनस है इसमें करीब वही लिटल लेस देन बन बिलियन का प्राफिट होता है और जो उनका जो टावबा टीमॉल वगरा का बिजनस है वो सारा वैसे ही है जैसा Amazon या eBay का बिजनस है अब जैसे वो business है तो इंडिया मांट क्यों इतना बड़ा बन पाय है क्यों नहीं बन पाय है क्यूंकि हमको बनना नहीं है हमको वो रिटेल की साइट का नहीं है जो billion dollar revenue वाला business जो billion dollar revenue I think बिल्कुल जा रही है तब उस हिसाब से देखें तो हम लों का 200 million dollar के आदë -शपा स revenue हो � है अब चाइना और इंडिया के मतलब साइस में कि मैंनुफैक्टरिंग एकानमी और डिस्टिबूशन एकानमी यहां की उतनी बड़ी नहीं हुई है अभी जितनी बड़ी चाइना ग्लोबली भी बेचता है ना अली एक्सप्रेस करके आप नहीं बेचते globally क्यों ऐसा तो हम वो बेचता है मतलब एक तो दो अलग -अलग pieces है एक तो वो क्या करते हैं कि globally मतलब उनके यहां पर दो platform है एक है china.alibaba.com एक alibaba.com alibaba.com के थूँ अचि गलोबली बेचते हैं जो alibaba.com के थूँ वो globally बेशते हैं और जो चाइना डाट अलीबाव क्योंकि उनका दोनों प्लैटफॉर्म है एक चाइनीज लैंगविज में हो और एक इंग्लिज लैंगविज में होने की बज़े से दो अलग अलग प्लैटफॉर्म रख़पाना मुश्किल है मेरा भी है एक्सपोर्ट.IndiaMart.com ब� तो फिर 2010 में बंद क्यों कर दिया 2007 से ग्रोथ ही हुआ था 2007 के बाद से ग्रोथ हम नहीं बंद हो गई थी तो 2010 में फाइनली जाके बंद कर दिया हमने बंद मतलब उसकी तरफ पूरा पिवर्ट ही कर दिया कि अब हम domestic बनाएंगे क्यों 2007 के पहले Domestic Inquiry हम डिलीट कर देते थे अगर कोई आ भी जाती थी between 2004, 5, 6, 7 तो हम Domestic Inquiry क्योंकि हमारे customers को पसंद नहीं थी और हम मतलब इस्पेशली जा के Domestic Sellers को Sign Up नहीं करते थे Exporters को ही Sign Up करते थे पहचानने का कोई तरीका नहीं था सामने वाले को बोलना चाहिए कि मैं एक्सपोर्ट करता हूँ अब पहचानने का तरीका है I.C.

58:00कोड है यह है उस तब में में वोता है तो फाइनली क्योंकि तो पहली बारी रूपी 24-45 रूपए से घटके 38 रूपएगा हो गया था मतलब strong हो गया था तो हमारी export की competitiveness बहुत बुरी तरह से खराब हो गई थी उसकी वज़े से वो export stagnate हुआ फिर उसके बाद 2008 में वो हो गया क्या कहते है global crisis demand कम हो गई फिर 2009 में इंडिया में अचानक से कुछ और crisis होई तो वो 2-3 साल तक export फिल्कुल थंडा होगी हाँ मतलब जहां था वहीं था उससे पहले वो 20-25 % हर साल ग्रोव कर जाता था 20-25-25 % तो चुकि ग्रोथ हो नहीं रही थी export की और domestic में market बढ़ते ज़रा जा रहा था तो हम लोगों ने India मार्ट को domestic बढ़ जा जा जा पिजिक में बिजी हो गए, कोई नहीं आया.

59:06किसी ने एक्सपोर्ट का कुछ भी नहीं बनाया. मतलब जिसने बनाया, उसने अपना ट्रेडिंग का बिजनस बनाया. तो कुछ लोग आये जिन्होंने एक्सपोर्ट कि मैं खरीदूँगा, मैं बेचूँगा. बट मैं खरीदूंगा, मैं बेचूंगा वो आप एक केटेगरी में कर सकते हूँ एक सिटी में कर सकते हो एक कंट्री में कर सकते ओ अगर आपको यह मैं करना है और उसमें से 20 % 20 % कमिशन कमानी है तो आप ज़्यादा लोगों के हल का काम नहीं कर पाऊगे

59:45मतलब किस -किस तरह से इस्तेमाल होता है किसी ने ये तोडी सोचा था तो ये वाले जो प्लैटफरम्स हैं जो category बहुत तरीके की यूज़ केसे को handle कर लेते हैं बहुत तरीके की use cases को handle they provide a basic infrastructure मतलब some kind of a distribution infrastructure some kind of a technology and distribution infrastructure while प्राईल, मतलब अगर आप Amazon की खुद की भी कहानी पडोंगे, तो उन्होंने पहले कई महीनों तक या एक साल तक केवल और केवल बुक्स किया, पहले बुक्स को पर्फिट किया, फिर बुक्स के बाद मीजिक प्लस बुक्स किया, फिर उसके बाद उन्होंने कह रहा अच्छा भा मैं कुछ और समान लेकिन खुद बेचुँगा Market Place Model भी ने 2014 में जब इंडिया में उनको Force किया गया Market Place Model में 1414 में तब उन्होंने Worldwide Market Place Model खुला है तुससे पहले देवर Like हम खरी देगे और हम बेशतें हैं समान, Amazon was a not a reseller, he was the seller he was competing with Barnes and Nobles, he was competing with so he was a retailer by himself, but 2014 में जब उनको लगा कि इंडिया में तो marketplace model ही करना पड़ेगा, and that's when I think they learned from it and they opened worldwide तो आज भी अब उनका जो total GMB या कुछ होता है, उसका एक लार्ज परसेंटेज पहले वो सेल्फ रिटेल में है जो वो खरीद के बेशते हैं या जो उनका प्राइवेट लेवल है अब अब अल्मोस्ट फिप्टी परसेंट या ऐसे कोई नंबर है मुझे एक्जाक्ट याद नहीं किया 40-60 होगा या 50-50 जो marketplace हो गया है अब जा करके तो I think उनको वो लेकिन मुझे लगता है कि वह एक वहाँ पे थोड़ा सा थोड़ा सा ethics का problem है क्या अब जब तक वो आप self retail का business कर रहे थे कोई problem नहीं थे आप करो self retail आप जो समान लाओ try करो बेचो market में study करो अब अपने marketplace चला दिया और marketplace के साथ आप self retail भी चला रहे हूं marketplace आपको न marketplace अगर आपको चुलाना है तो अंदा कानून बनके पर उचलाना पड़ गा मतलब आप marketplace में आपको सब दिखता है मैंने आपको यहाँ बैठ के इतनी सारी बाते बताई कहां क्या हो रहा है तो मुझे तो बहुत कुछ दिख रहा है मतलब अगर जब जब वाटसेब कहता है कि मुझे कुछ नहीं दिखता तब भी उसको बहुत कुछ दिखता है मतलब he can't read and he's right, he can't read your messages he can't really read your messages पर किसने किसको कब itna to dDanielics झाधायन तो data pattern तो है कुछ तो data pattern पैटर तो दिखता है ना सब कुछ दिखता है कि कौन से शेहर में कौन से pin code céu कौन सा item कpekt दा कौन सा s société राहते कहां पो शुरूना नहीच को तक बिख Damn र्पाइं कांसा चलना शुरूना शुरूना कौन क्स सा origin है, कहां पर जाता है, कहां consumption है, और वहीं पर आप खुद भी है कि retailer हो, मतलब तो ये तो थोड़ा, इसका जवाब आप कैसे दोगे, मतलब, बाद में जाके उपर, कि जहां लोग बेच रहे हैं, जहां जहां पर pockets अच्छी दिख रही है, वहाँ पर अपना self brand बना के private label, मैं करो private label करो या आप बड़ी सब नहीं करते ये Amazon नहीं, ये DMART भी करता है, ये DMART कहां करता है, क्यों, खुद की brand चलाता है अंदर, खुद की brand की बात नहीं है जो बेखता है, खुझी बेखता है, ना, आणा, वहाँ कोई मार्केट प्लेस तो नहीं है, ना, लेकिड देखो, नहीं, ना, देखो पता, जो भी हैं लोग, पहले, अगर आप एक, मान लो, आप एक, डाल बेचने वाले हो, आप अपनी डाल दीमार्ट को देते हो, मतलब, ड बेखिजा है, नगेका नाना बीक दिमार्टा में ज alternator सरह नाना स्टफ़ा नहीं, बप्रेंट इनके अब कब्न करें सूंब करें भी तरहीं उस ध्र tutte को सुद्भ लोका पर लेके कर तूता है दो कोई धना दो दो अभी तक नहीं ब्हेसा दो कहो भी मैंने लेखिया, मैंने बिखना शुरू किया अब जब थोड़ा ज्यादा बिखने लग गया तो उसने टाटा से डाटा काई नमक रिखना नमक मैं यह नहीं करा कि खाली वही बेचना है उसने एक दूसरे नमक वाले से बात करिया नहीं नहीं तो दोनों काम किया उसने पहले तो ये काम किया अच्छा नमक जाता बिखता इसलिए एक मेरा प्राइविट लेवल भी होना चीए और टाटा का नमक जाता भी ले ले शकता हूं तो जिस आदमी ने आपको टाटा नमक का रास्ता बताया था आपने उसको भी बा� पास किया भाइड दूरिग सब नहीं करते हैं तो इसकते मतले यह थोड़ी गयुदे कर लाया है बट मैं है बता रहा हुआ कि यह मार्केट प्लेश के वॉलमार्ट भी करता है वी ने मार्केट प्लेस कोई ने चलाता देखे दो अलग अलग बाता है हैं आपको डिमा ощущ का ओरिजिन पता करने के लिए अ करने करने के लिए मार्केट प्लेस वो ना को ना तो अबार्ड करता है ना डिमार्ड करता लेधर है वो आप बाहर से जाएए पता किझी तो अगर आप मार्केट प्लेस चला

1:05:24लेकिन इक नहीं को ऩ्याला

1:05:31प्राइवेट लेष्हें मुएक है लाउर खुँष्य। फे दे रहे है लेकिन और रावा से इसलिए तो पूरी इंटेनेट पर हालर स्टोरी पढ़े हुए है ब這一 आप पॉर्थ ही इसलिए इसलिए है पॉरे स्टॉरि पढ़ ही है मैं बोल रहा हुं कि मैं बहुंна करते हैं मैं बोलोगी कोई एक ब्रैंड नहीं कर रही इस नोट जिस अमेजन इस अल्मस्त एवरी ब्रैंड जिसने भी अपना वो बना रहे है

1:06:20लोग जो कर देते हैं मैं भी कर रहा हूँ तो आफ सिर्ट आफ दे लौ मैं सिर्फ इस्पिरिट आफ दिला पढ़ता हूँ कि अगर मैं मतलब मुझे जितना डेटा दिखता है उसको देख करके मैं अपना बिजनिस चालू कर दूँ त्रिप कार्ड करता है उनको भी नहीं अलाओड है बट करता है allowed just叫 India know India know

1:06:46पीछे से क्या करते नहीं India بहिए Indiaтор there are no Amazon seller there's nobody Amazon influence seller or Flipkart influence seller everybody's pure marketplace Niica tonight know Nica is a retailer Nica does not do marketplace place. Nika is not a market place. First he bought, then... Nika is a reseller. Reseller or a first party seller. So they can do it? They should do it. As a market place, you should not do it. But what difference is both? My point is, ethics, where is the difference? Because when you put a market place, you have not done any investment. I have not done any investment.

1:07:31You have done any investment? Who have done any investment? Amazon platform, प्लाटफॉर्म पे लोग जो आते हैं जैसे मैं कभी उस प्लाटफॉर्म पे कहा तो मैं तो अमजॉन ने अड़ गरी तब ही गया ऐसा नहीं है आपके वह समान था अमजॉन की इसलिए गया अमजॉन ने अड़ गरी कि मेरे पास सब मिलेगा आके ढूंडो तो जाके मने ढू जैसे SMEs को हमने help करी, listing listing करने में हमने कभी नहीं add किया, तब भी लोग आते हैं अब एक इनसान को mostly as far as I know India Mart, businesses को help करने के लिए मतलब customer direct, ऐसा तो नहीं है न कि मेरे को एक pen भेज दो, तो एक pen नहीं खरीदते हैं लोग usually majorly एक pen जाके Amazon पर लोग खरीदते हैं, इंडिया माट पर नहीं खरीदते हैं, मैं 500 पर खरीद के अपने महले में दुखान चला हूँ, उसलिए तर डिफरेंट यह बिजनेस, बिजनेसे सर्विंग बिजनेसे, इदर बिजनेसे सर्विंग डिरेक्ट कंजूमर्स, और यहां तो Amazon एक service provide कर रहा है उन बिसनेसे को कि मैं लाखो करोडो बिसनेसे लिखे हो जो तुम्हारे पास नहीं है तो तुम्हारे पास opportunity कि तुम लाखो करोडो बिसनेसे consumers को direct बेच सकते हो Isn't that Possibly

1:08:59Possibly क्योंकि add कर कर के मैं तो Amazon पे शी लिए गया ना आज जा के शायर आप आप आप आपने बहुत मेंद करी इसका मतलब आप मेरा मिस्यूस करोगे नहीं ना वैसे वह बन्हाटिने भीकाफा मेन सामान सोब intrigued, विला इसने प्लैटफराम और मेन आखाए लेकिन आप स से आंप मेरा पढ़ विलाट करके व्यंता है वह बन्हाराट करता है तुए यह बता हम भुखता है था पर आप नाच लोगे करना। तो यह simple point is that and and all over the world a lot of people do this right yeah this is an ethical problem you think this is something that you would never do if I have to do that but I'll see here and I'll start cutting this is not and this is a personal ethics call you took since the beginning I was like that so much so कि हम तो पहले, मतलब आज भी हमारे यहां पे, बाइर सेलर का कोई भी कम्यूनिकेशन आपस में, इजिली किसी को एकसेसिबल नहीं होता, पूरे अप्लाइस में, तो इजिली मेंस की बहुती ही, उठाया फॉर्मने से, बाइर सेलर के बीच की communication या बाहर वो हम लोग ऐसा मन देखे वो आपके लोगों की बात है मतलब हमको कभी कभी देखनी जरूरत पड़ती है जब मुझे for the purpose of improving the product or flow not for the purpose of building a business मैं simply कहा हूँ कि brand brand

1:10:51नीचे तक जो penetrate किया हुआ है वो बहुत कम है मतलब बो जो नमक जिसा ब्रैंड है, डेटॉल जिसा ब्रैंड है, यूटेडेटरियन ब्रैंड है, घूनली ब्रैंड ऐस nano, बाकि लोगं को फर्रॉक नहीं पड़ता, इसको बाकि लोगं को फर Marriage को फर्रतन को �isme कीościर,

1:11:21वो मार्केट है बहुत बञ़ा है, मतलब है वो भी बहत बड़ा मतलब इंडिया जब में कह रहे हो बहुत छोटा फिर भी 10 करोड़ोगों का मतलब इंडिया में जब आप बोलते हो दो

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1:11:39दो बहुत करोड़ों का But

1:11:49मतलब हर चीज के लिए अइंडिया में नद 10 करोड़ों के अगराब लाह web इंडिया हैं, 10-10 करोड के अगर आप बनाओ, और 10 करोड से उपर, टोटल में I think केवल 10 कंट्रियां हैं, जो 10 करोड से उपर हैं, और भी कम, मतलब अगर, अगर अच्छली में इंडिया चाहिना के बाद, इंडोनेजिया पाकिस्तान यह, यही लोग 10-10 करोड के उपर हैं, बाकि सब 5 करोड या उसके भी नीचे हैं, तो effectively जब मैंना इम सेंग 10 करोड, जसके इमाजिन, 10 करोड का मतलब, यह तो कि अटॉकिंग टॉप 10 कंट्रीज इन दे वर्ड, मतलब, जस्ट लिए टॉप 5, billions of dollars in revenue in billions of dollars in revenue so there is enough market for but is it changing are you seeing any change yeah obviously so India may always this whole migration from when you say that 30 years of people across the value chain or across these geographical segments demographic segments so in this में ये बहुत बड़ा माइगरेशन जिसको एस्परेशनल बोलते हैं वो हर जगा पे है तो अगर आप देखो तो गाउं में या जहां पे बिलकुली बदलब गरीब तपके का अधिया होगा तो उसकी पहली एस्परेशन है साइकल पहली एस्पशूरेशन है मूबायल पहली एस्पशूरेशन है रीडियो खाना के beyond रोटी कापड़ा और मकान के beyond की बात करOO तो पहली एस्पशूरेशन है बहुत सारे लोगों के लिए पहली एस्पश्श्श्शन है यार एक टू-wheिलर बहुत सारे लोग के लिए पहली मारूती और पहली एक मिनी स्मॉल कार इस नीड और एस्पिरेशन यह जो पीछे बहुत दिन से चल रहा था कि सन 2020 के पास पास कि बस अब टू विलर का तो मार्केट खतम हो गया वो तो मतलब जिनको जिनको मारूती छोटी कार लेनी थी वो सब ले चुके अब तो केवल SUV बिकेगी इस नौट इस रॉँट पिक्चर रॉँट पिक्चर बिंग पेंटेड बिकाज उनकी कमाई घट रही है या उनकी कमाई स्टैगनेंट हो गई है और इनकी कमाई बढ़ रही है इसलिए वाला पीस बित्रा है तो इस बेरी रांग तो फोकस अन आइधर और आज यहां पर ज्यादा ग्रोथ है कल वहां ज्यादा ग्रोथ थी लेकिन यहां की ग्रोथ भी खतम नहीं हुई है क्यों क्योंकि अगर इतनी सारी motorcycle गूम रही है इंडिया में या scooter गूम रही है तो उतनी सारी कारों की भी market कल सुबह होगी कल मतलब person होगी कब जब होगी and same it has happened in China मतलब आप दाके देखो पहले कि इसाइकली साइकले होती थी मतलब अगर आप सन 70s के time की कोई story पढ़ोगे चाइना की मतलब cycle पे पूरा चाइना चलता था चाइना को मतलब cycle के उससे जाना जाता था आज अमेरिका से ज़्यादा कार चाइना में चलती है तो वो आई तिंक इतिज़ी आप flight के बारे में देखो मतलब शंगाई यह जो चाइना की दस बड़ी cities हैं उनके बीच में इतनी हवाई जाजे हैं, मतलब जितनी आप अभी इमेजिन भी नहीं कर सकते हैं, क्योंकि वहाँ पर एक करोण लोग अब उस मिडल वाले ब्रैकट में हैं, या सौ करोण लोग, तो वो आइ तिंक जैसे जैसे ये नीचे से उपर को मुमेंट होईगी, आप व how is your demographic looking like is your demographic like fat upar se bhi chhoti, niche se bhi chhoti, beach mein bhoot bady abhi humari demographic bilkul perfect pyramid hai तो कभी -कभी थोडी bhoot you know, कहीं -कही bulging या कहीं -कही शिकुड़न आ जाती है but is it bulging on the top?

1:16:00it is always bulging everywhere, last two-three years the conversation is last two-three years suddenly bulging on the top कि लोग वोले उपर पैसा बहुत बढ़ रहा है तो उनके लिए प्रोडक्ट वराओ अभी एक वो आएगा क्या कहते हैं करेक्शन मार्केट करेक्शन या एक वो फिर थोड़े दिन में ठीक हो मैं सी वाटर विल फाइंड इस लेवल्स तेजिए तिक एक करेक्षिन है कुछ आएगा और उपर से नीचा जाएगे लोग होता रहता है I think India में बहुत resilience भी है और बहुत वो भी है as as compared to many countries in the world हमारे हमाँ पे see हम बहुत चीजों में खराब है मानता हूं मैं नहीं हुई हमसे manufacturing अभी तक नहीं हुआ पर प्लूशन कंट्रोल पर फिर भी हमारी RBI भी फेल नहीं हुई हमारा NPCI भी अच्छा है हमारा मतलब रियल स्टेट फराद भी कम से कम है मिनिमल है जो था भी बंबे बंबे में भी मतलब यह माफिय था दिल्ली नियार गरा में तो कभी था भी नी तो I guess lot of good things are there freedom to talk like this I don't think you have this kind of freedom to talk in many countries freedom to do your own religion freedom to do your own thing तो I think हर चीज हर जगा नी होती yes you are right some of the things are infrastructure वगरा tax का सही इस्तेमाल करना सही तरीके से tax करना होना चाहिए हो रहा है every passing government yet comes उसने चार काम करने होते है उसमें से दो अच्छे भी निकल पड़ते हैं दो खराब भी निकल पड़ते हैं so I think we have done right also we have done right in every government I mean not that in this government or in that government तो राजिव के government में computer वाली बात अच्छी हुई, c.

1:18:13वाली बात अच्छी हुई, मनमुहन जी मतलब नरसी महराओ की government में ये अच्छा हुआ, 91 कारी फौरम अच्छा हुआ, लेकिन 93 की बाबरी मस्जिद उसी में तोड़ी गई, तो बाजपेजी के जमाने में नुक्लियर टेस्ट हमने दुबारा किया, हमने गोल्डन ट्रॉडिट लादा, अब आज जो हम यह आधार और यूपी आई बोल रहे हैं, वो एक्चुली में सबसे खराब टर्म आफ दी गवर्मेंट जो यूपी आई का सेकेंड टर्म बोलते हैं, मनमोन सिंग जी का तो आखरी 2009 से 14 का था उसमें उसकी नियू रखी गई सारा काम हुआ अधार उस समय सुरुवात हुई NPCI उस समय सुरुवात हुई आज वही कब किसका किया हुआ कब सही बैठता है कब गलत बैठता है Right to Information Act कब 2004 से उसके लिए मैक्स ऐसे प्राइस मिला था काईजरेवाल जी को तो I guess मोदी जी ने इतनी सारी चीज़े अच्छी चालू करी मनरेगा आज भी मनरेगा के नाम से जानते हैं इतना बड़ा डिस्ट्रिबूशन का सिस्टम तो education शायद जब engineering college खुल रहे थे तो लोगों ने वो खायद पैसे लेकर के मतलब influencer लोगों के लिए engineering college खुलने शुरू हुए थे लेकिन आज वह engineering college ज़ए से पिछले 20 साल में इतना नहीं तो अगर वो pure government में फसा रहता तो इतने सारे बनी नहीं पाते जो अब होई नहीं पाती इतने सारे निज्ज चैनल जो टीवी पे पैसे ले लेकर के लोगों को लाइसे दिये गए पानसो टेलिविजन चैनल हो गए हमारे हैं अगर वो नहीं होता तो इतनी information democracy या नहीं आती I guess there are a lot of things we have done well and we will continue to do well because जो हमारी democracy है जो हमारी bureaucracy है जो हमारी judiciary है वो सभी जगा थोड़े बहुत bad apples होते हैं but by and large we have done good and we continue to do well if आज आप 25-30 year old होते हैं आपको कोई बिजनेस थार्ट करना था तो क्या करते हैं?

1:20:43आज? विद अल था नॉलज़ था यू आप जिस ताइम में जी रहे हैं? मैं तो देखो थोड़ा टेक्नॉलोजी बफ रहा हूं और मजे तो पिछले पांच साल से 10 साल से दुबारा बहुत मज़ा आ रहा है वे जब से मुबाइल टेकनोलजी और AI टेकनोलजी और अल रैट तो मेरा काफी मन है कि या इस वाली रेवलुशन को मैं धंग से देखना चाहता हूँ 20-25 साल हो तो अगर मैं 25 साल का होता तो शायद इस डिरेक्शन में कुछ करता तो ऐस एक्जैमपल यह बिजनेस क्या पर देकी मता राता अब पिन -पॉइंटेड एक्जांपल तो कोई एस एक्जैक क्या बिजनस चालो करते हैं दो यंड ऐंच चालू किय था कि मुझे कोई अंजाँ था कि मुझे एक्ष इजाट किया है। तो इप जो बैक तू उच PAC अया मुझे कुछ तो करना है। मुझे इतना ही करनाख था कि मुझे कुछ करना ह। कमप्यूटर में कुछ करना है।

1:21:49मूबाई एक्षै और अजेगरे करना है और इंडिया में करना है रोबटेक्स में कुछ करना है और इंडिया में करना है मतासित वेल तैंक यू सो मच तैंक यू तैंक यू पर कमिंग जो इस प्लेजर हम दो I hope you got what you wanted वो तो बताएं हैं हमारे वीवस कस्तिमर सदाएं

1:22:14ताकि इसी तरह हम और भी वैल्यूबिल गैस्ट लाते रहे नमबर टू मुझे कॉमेंट्स में बताओ कि इस एपिसोड में आपको क्या अच्छा लगा और कौन से इसे गैस्ट है जो आप देखना चाहते हो हम इस एपिसोड में इस पॉड्कास में लेके हैं एंड ये एपिसोड किसी एक इंसान के साथ जरूर शेर करना जिसको अपनी लाइफ में इससे कुछ बेटर चेंज करने का मौका मिलेगा क्योंकि एक कॉन्जेशन केंचेंग सम्वने लाइफ I'll see you next time, until then, keep figuring out झाल झाल

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(00:00) Intro
(03:19) Why On-Ground Experience Is Important
(10:19) Partnership in Gujarat & Business
(13:50) Which Business Has Fewer Suppliers
(25:45) Why China Rules Manufacturing & the Supply Chain
(33:21) Which Sectors Are Struggling
(35:24) Graveyard Categories & Mindset
(40:45) Unorganised Business Categories
(49:15) What Changed After the Money Started Coming In
(55:21) IndiaMart vs Alibaba
(1:01:39) Ethics in Marketplaces & Brands
(1:12:33) Is the Market Changing & Population Pyramids
(1:20:37) If He Were 25, Which Business He Would Start
(1:21:55) Closing Thoughts
(1:22:07) Outro



In today’s episode, our guest is Dinesh Agarwal, Founder and CEO, IndiaMART. He shares insights from decades of building IndiaMART with u,s, including why Gujarat has almost double the national average in business partnerships and how sectors like e-rickshaws and mobile accessories quietly became massive opportunities. He explains why picking a niche and understanding 5-year tech cycles is key for anyone entering hardware, software or app-based businesses.

Later, we also discuss why India still isn’t a true supply nation, from infrastructure gaps to relying on imports even for basic components. Dinesh talks about the perseverance needed to scale through platforms like IndiaMART and how India’s diverse consumer base makes it one of the world’s most complex markets.

On a personal note, he reflects on living simply despite success, living in the same home, same car, same shoes for 25 years and how migration and aspirations shape India’s entrepreneurship story, where for many, the first big dream is owning a two-wheeler.

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Raj Shamani is an Entrepreneur at heart that explains his expertise in Business Content Creation & Public Speaking. He has delivered 200+ speeches in 26+ countries. Besides that, Raj is also an Angel Investor interested in crazy minds who are creating a sensation in the Fintech, FMCG, & passion economy space.



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Business Expert: How to Build A Brand in 2026, B2B & Hidden OpportunityFiguring Out with Raj Shamani · 1 h 23 min
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