In short
Podcast Episode Notes: Underworld Secrets: Dance Bar, Psycho Killer & Dawood's Income | Vivek Agrawal | FO341 Raj Shamani
Podcast Overview
- Host: Raj Shamani
- Guest: Vivek Agrawal, a crime journalist and author
- Episode Focus: Insights into the underworld of India, exploring the dynamics of crime, the difference between mafia and terrorists, and the impact of socio-political factors on crime rates.
Key Discussions
Introduction
- Raj Shamani introduces the theme of the episode, focusing on the deep and often hidden aspects of India's criminal underworld.
- Vivek Agrawal shares experiences from his career as a crime journalist, detailing interactions with notorious gangsters.
Dawood Ibrahim and the Mafia
- Dawood Ibrahim's Operations:
- Discussion on how Dawood operates in India and abroad, emphasizing his fear-based empire built on ambition and money.
- Insights into Dawood's latest activities, including personal anecdotes from Agrawal regarding obtaining recent photographs of him.
- Mafia vs. Terrorists:
- Agrawal explains the fundamental differences between mafia and terrorist organizations:
- Mafia is profit-driven, focusing on power and wealth.
- Terrorists act based on ideology and political motives.
- Gang Dynamics:
- The evolution of gang leaders, specifically focusing on Haji Mastaan and his relationship with Dawood.
- The transition from old gangsters to newer, more violent factions.
Crime in Dance Bars
- Historical Context of Dance Bars:
- Exploration of the origin and evolution of dance bars in Mumbai and their connection to the underworld.
- The glamorization of gangsters in films vs. the harsh realities of crime.
- Impact of Dance Bars on Crime:
- Dance bars as hotspots for criminal activities, serving as recruitment grounds for various gangs.
- The socio-economic factors leading to the proliferation of dance bars and their connection to organized crime.
Psychosexual Killers
- Case Study: Yeda Gopal:
- Discussion on psychosexual killers and their motivations.
- Agrawal shares insights from interviews with notorious killers, revealing disturbing psychological patterns.
Recruitment into Crime
- Recruitment Strategies:
- Overview of how criminals recruit new members, especially from vulnerable populations.
- Agrawal describes interactions with inmates and their journey into the underworld.
- Socio-Economic Challenges:
- The role of poverty and lack of opportunities in driving individuals towards criminal activities.
Cyber Crime
- Emerging Threats:
- Discussion about the rise of cybercrime, including online gambling and the exploitation of youth through gaming applications.
- The impact of technology on organized crime and how it has evolved.
Conclusion
- Reflections on the Underworld:
- The need for reform in law enforcement and legal systems to address the root causes of organized crime effectively.
- Agrawal emphasizes the importance of public awareness about the realities of crime and its societal impacts.
Key Takeaways
- Differences between Mafia and Terrorism:
- Understanding the motivations and operations of different criminal entities is crucial for tackling crime.
- Impact of Socio-Economic Conditions:
- Addressing poverty and lack of education is vital for preventing recruitment into crime.
- Cultural Perceptions of Crime:
- The glamorization of crime in media can distort public perception and diminish the seriousness of the issues at hand.
- Need for Judicial Reforms:
- Emphasis on the necessity for reforms within the judicial system to effectively combat crime in today's context.
Action Items
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- Share the Episode: Encourage sharing with individuals who might benefit from the insights discussed.
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Transcript
Automatic transcript. May contain errors.0:00एंडर वर्ल्ड गैन्श्आ सूदरा agrees��� उसकी क्या हिस्ट्री है? इंडिया का या मुंबई का जो पहला गैंग वार शुरू हुआ है, उस उनियाबार से ही शुरू हुआ है.
0:24विवेक अगरवाल जो एक आथर और क्राइम जिर्नलिस्ट है वो हमें बताएंगे क्राइम रिपोर्ट करने पे कैसी थ्रेट्स मिलती है एक गैंक्स्टर से मिलने की प्रॉसिस क्या होती है दाउत इबरहाईम आज भी इंडिया में आपरेट कैसे करता है पॉलिटिक्स और माफिया का क्या रिलेशन है जब दाउत को कोई इंटेल नहीं ढूंड पाई उस ताइम पे हमारे आज के गैस के पास दाउत की सबसे लेटेस फोटो कैसे है इन सब के बारे में आज के गैस में हमसे बात करिये पिर वसकॉंकरणी को किलिंग मशीन क्यों गला जाता इस ए साइको सेक्स किला मैं जब उससे मिला था मुंबाइ पुलिस की लॉक अप में उसमें बुला कि जब मैं किसी को मारता हूँ तो मुझे ऐसा लगता है मैं किसी औरत के साथ सुया यह सारे गैंगस्तर्स यह रेकूरूट कैसे करते हैं?
1:04इनके रेकूरूटर अलगी होते हैं, तो वो जेल में बिना किसी कारण के भी चले जाते हैं और वहां से वो देखते हैं, औरे क्या हूँ अरे तू जाता क्यों नहीं बाहर? दिल्कुल एक्टिव होगी है। सच्चाई हमसे पूछिए हम बताएं गाएं गाएं गाएं अब दियु थिंग दाउद अबराहिम कुर्टा था। दाउद अबराहिम जब मुंबई में था तो कमाई उसकी जो हजार करोडों के सालकी होगी। किसी से दरता हम बहुत हो रहा है. दाउद बहुत हो इनसे दरता भी था. दाउद अब नहीं पोटो इने था. आपके पास इतनी लेटेस फोटो आई कैसे था?
1:54आगे बढ़ने से पहले इस चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि हम आपके लिए इसी तरह से और इंसाइटफुल और बहतर पॉटकास्ट बनाते रहें और इस पूरे शो का ओडियो एक्सपीरियंस पॉटिफाइप पर अवेलेबल है जहां पर आप हमें फॉलो कर सकते हैं इंजॉई दे शो
2:12एक टाइम तक शार्जा के बाद दावद अब्रायम को फोटो ही नहीं था आपके पास इतनी लेटेस फोटो आई कैसे वह कराची की दिशाधर है कराची में उनके जो घर है प्लिफटन एरिया में जिसको कि जहां उनका बंगला है वो वाइट कलर का मौहिन पैलेस के नाम से � पहचाना जाता है, उसके घर के अंदर 50 मीटर का एक स्विंग पूल है, उस स्विंग पूल के सामने वो खड़े हुए है, सफेद रंग का पढ़ानी सूट पहना हुआ है, और काले रंग का कोट पहना हुआ है, वो तस्वीर है वो, कोई बहुत बड़ा काम नहीं था वो, ले यह publish कर दिया तुने यह चीज बाहर निकाल दी, तो बचेगा निदू. Crime की जो news होती है ना, उसमें mostly यह होता है कि आप किसी और बिक्ती पे ख़बर कर रहे हैं, शबोस जैसे चोटा राजन पर लिक रहे हैं, गवली पे लिक रहे हैं, किसी बेब लिक रहे है, तो आप उनसे court मांगने नहीं जाते हैं, on the contrary आप political news करते हैं, भार्मी ख़बर करते हैं, कोई corporate की against करते हैं, तो आप उनसे बहले court मांगते हैं, यह अपना paks रखी है, हम लोग पक्ष मागने ही नहीं जाते है व्याद तुमक्रिमनल हो तुमसे क्या पक्ष मागने जाना है यह क्राइम है यह तुम्हारी चीज यह अँठे क्राइम है माफिया और टेर्ररिस میں
3:37बहुत बेसिक फर्क यह होता है कि एक आइडियोरॉज्टी पहे काम करता है और एक माफिया जो है, उसकी आइडियोलॉजी सिर्फ पैसा कमाना और पावर में रहना है. तो दोनों के बीच का बेसिक फरक है. क्रिमिनल दोनों है. एक जो है, वो धनकमाने के लिए करता है. और एक जो है, अपनी आइडियोलॉजी के तहद सकता हासिल करने या उसको एक्सपांड करने के लिए करता है जैसे ईसिस है या सिम्मी है या लशकर एतईबा है या और भी तमाम है नकसलाइट्स हैं तो ये सारे लोग एक वैचारिक धरातल पे उस प्रश्टबूमी पे बैठे वे लोग हैं जिनकों की अपनी उस चीज से ले करके, उस विचारों से ले करके और आगे जा करके और अपने सत्ता हासिल करनी है या उसको इस्टाब्लिश करना है क्रिमिनल गैंक्स टॉप पे पहुँच करके भी सत्ता हासिल करने में बहुत ज्यादा इंटरसेट नहीं होते हैं उनका काम है पैसे कमाय खाय वह या मौच करो यानने खाय पियो और किसके मतलबी यार किसके बहुत कम ऐसे हुए हैं जैसे गोवा का एक चीफ मिनिस्टर हुआ है जो अपने वक्त का बड़ा नारको एंड गोल्ली स्मगलर रहा है और वो काफी लंबे समय तक शायद दो या तीन बार सी -एम बना तो उनकी भी शायद डेथ हो चुकी है हाजी मस्तान ने भी ये कोशिश की थी कि वो सब्ता हासिल करे हाजी मस्तान के उपर जो है मेरी बिल्कुल एक किताब आ रही है जिसमें मैंने उनका जो ये पॉलिटिकल ड्रीम था वो कैसे शुरू हुआ और कैसे परवान चड़ा और कैसे टूटा उसकी पूरी एक अध्याई मैंने लिखा है उसमें इसी वज़ा से अब हाजी मस्तान की बात करे रहे थे हाजी मस्तान का क्या था पॉलिटिकल ड्रीम कैसे स्टार्ट हुआ क्या था गिव मी आस समरी हाजी म先 जो है उनका उतार का वक्त था और दाउद इब्राहीम के चड़ाओ का वक्त था और दाउद जो है वो बहुत ही ज़्यादा अमबिशियस बहुत क्रूड बहुत क्रूवल और बहुत ही ज़्यादा तेजी से उपर आने की तमना और चाह रखने वाला विक्ति था यंग डड़का था एकदम और बहुत ज़्यादा एरोगेंट था वो वो किसी को कुछ नहीं समस्ता था उसने हाजी मस्तान और उस वक्त के जितने भी तमाम गैंग लीडर्स थे उनकी सब की हवा निकाल दी थी अकेले बंदे ने हलां इसने ऐसी स्थिती कर दी कि एक वक्त में जो हाजी मस्तान के लिए रोट सर्फिस टांस्पोर्टेशन गूल का करता था वही उसके सिर पे आके बैठा और अगर कोई विक्ती आकर के शिकायत कर देता था कि अरे आपके लड़के मुझे तंग कर रहे हैं या आप मुझे परि� दिखाता था कि तू जो आदमी को बोल रहा था ना कि जिसकी तू भी शिकायत करेगा, तो देखो मेरे ओफिस के दरवाजे के बाहर खड़ा है, उसको बैठाते भी नहीं थे, उसको बाहर खड़ा रखते थे, इस बात की शिकायत को जिए हादीमस्तान ने किसी वक्ती से की थ जिसने की मुझे ये किस्सा बे बयान किया तो वो आदमी तो बिचारा पजल हो जाता था जो दाओद गैंग के लोग बोलते थे या दाओद बोलता था वो उसको मनने पर मजबूर होना पड़ता था क्योंकि उस वक्त का जो फरिश्टा था हाजी मस्तान वो उस वक्त वहाँ पर पानी भर रहा होता था क्यों?
7:20क्योंकि डर चुका था वो बुड़ा हो चुका था उसकी पूरी ताकत जा चुकी थी और दाओद इबराहीम जो है वो गुसेल था किसी को भी मार देता था उसने हमीद को मारा उसके बेटों को मारा और वो सब किया दिली पजीज थे उनके बेटे हमीद और एक और था उन लोगों को ऐसे मतलब कतले हम मचा रखा था उसने तो उस वक्त में इसको यह जब लग गया कि हाजीमस्तान को कि भाई अब यह सब धंदा समीट करके और पीछे हो जाने का वक्त है और उसी समय में आपके इमरजनसी आई और उनको जेल जाना पड़ा जेल गए तो उनको लगा कि भाई या आप तो कहानी खतम हो गई है बाहर आये तो वो जो है अपना एक उन्होंने एंजियो खोला उसमें लोगों की मदद करने लग गए फिर बाद में उनको एक पत्रकार थे उन्होंने कहा कि आप तो पलिटिक्स में आ जाओ कल तक जो लोग आपके आगे पीछे डंडे लेके घूनते थे कल वो डंडे पीछे रख करके और आपको सलाम बजाएंगे उन्होंने का ये अच्छी चीज है तो वो और्गनाइजेशन जो है उसको छोड़ करके एंजियो को और उन्होंने फिर दलित मुसलिम माइनरिटी महासंग के नाम से एक पलिटिकल पार्टी स्टार्ट की, उसमें उन्होंने चुनाओं भी लड़े, उन्हों में ये होता था कि दिलीब कुमार सहाब भी जाया करते थे उसमें तकरीर देने के लिए और उसकी पार्टीयों में, � और इन सब चीजों में और बड़ी फुटफॉल होती थी, खूब भी जमा होती थी, लेकिन वोट कनवर्ट नहीं होता था, उन्होंने जितने लोग खड़े किये थे चुनाओं में उनमें से सिर्ड दो ही लोग जीते थे, और वो दोनों ही बतरकार थे,
8:52उर्दूर रिसालों म जन्ता बड़ी समझदार भी है वो समझती है कि मतलब ये आदमी एक क्रिमिनल रहा है या क्रिमिनल है तो ये जब सत्ता में आएगा तो ये हो सकता है कि सत्ता का मिश्यूस भी करें इसलिए उनको करने ने देखा नहीं उसको करने देखा और दाउद का relation कैसा था? शुरू में तो बहुत अच्छा था, बाद में खटास आती गई. क्यों स्टार्टिंग में अच्छा था relation? क्योंकि दाउद इब्राहिम छोटा था, उसको पैसों की जरूरत थी, साविर जो है वो उसको कंट्रोल में आ जाने वाला और बिना सोचे समझे रियक्ट करने वाला लड़का था तो दाओद को जो है साबिर हमेशा कंट्रोल में रखके चला करता था जैसे ही साबिर की मौत होती है दाओद उच्छंकल हो गया दाओद ने हर उस आदमी को चुन -चुन कर मारा जिस आदमी ने
10:18मरवाया ये खुला तथ्य है इसमें कोई छुपाओ वाली बनाओ वाली बात नहीं है सबको पता है कि कितने ही पुलिस आफिसर जो है उसके पे रोल पे थे और उसके कहने पे एंकाउंटर किया करते थे तो वक्त के दाउद को ये बिलकुल रास नहीं आता था अरे कहे का एरिया बाटने वाला तू कौन होता है मैं जहां पर कदम रखूंगा वो मेरा इलाका है किसी से डरता था दाउद ब्राएं? दाउद बहुत हों से डरता भी था ऐसा नहीं है कि नहीं डरता रहा हो जिनाबाई खबरी हुआ करती थी कभी उनकी बात नहीं काटी उसने कौन थे यह क्या था जिनाबाई खबरी जो है हमारे यहां की एक तरह से कह सकते हैं एक Godmother के रूप में उनको establish किया जाता है, हलांकि वो एक informant थी, Bombay Police की, और उनके जो खाविंद थे, वो partition के समय में चले गए पाकिस्तान, इन्होंने कहा कि तुम भी चलो तो उन्होंने का नहीं, यह मुंबई मेरा शहर है, वहाँ पे तो कौन हमें जानता पहचानता है, मैं तो यहीं रहूंगी, और वो चले गए बच्चे यहीं इनके पास छोड़ गई, अकेली रह गई, बच्चे की जिम्मेदारी, कभी दुनिया में जीवन में बाहर जाकर कि कुछ काम नहीं किया, किसी से बोला नहीं, � जो इन्होंने बाहर आकर कि जब दुनिया देखनी शुरू की तो यंग थी बहुत सुन्दर भी थी और जब उन्होंने देखा कि दुनिया इतनी कठोर है खराब है अब क्या करूं कैसे कमाऊं खाऊं तो कोशिश करती रही लेकिन जब नहीं काम हुआ तो उस समय में शराब � बंदी थी तो इन्होंने श्राप की तसकरी और वो बेचना शुरू किया फिर बाद में इनको पता चला कि नहीं पहले चावल के उपर बैंद था तो चावल का काम करना शुरू किया तो जिनाबाई चावल वाली कहलाने लगी चावल उस वक्त जो है वो राशन में मिला करता � तो शादी के लिए भी आपको दस्या 12-15 किलो जो है उतना ही मिलेगा कि आप 40 से ज़्यादा वराती निला सकते या गराती नहीं हो सकते एक शादी में इतनी लोग होंगे वो वाला चक्कर हुआ करता था तो इनने चांवल की तसकरी और ब्लैक मारकेटिंग की फिर बाद में � को लगा कि इसमें इतना पैसा नहीं है शराब में बहुत ज़ादा है तो शराब का काम किया शराब का करते करते हैं इनका बड़ा वाइड नेट वर्क हो गया क्रिमिनल्स के साथ रिष्टे हो गए हाजी मस्तान से हो गए करीम लाला से हो गए यूसुफ से हो गए और वो लो� जिनाबाई खबरी को बड़ा मानते थे और एक तरह से राकिबंद भाई थे उनके मुझ बोले भाई थे तो उसकी वज़ेश से ये उनको बुआ बोला करते थे फूफी बोलते थे और बड़ी उनकी रिस्पेक्ट भी करते थे और थोड़ा एक हद तक डरते भी थे कि यह नराज हो जाएंगी तो अच्छा नहीं हो गया बट इस अड़ ओ रिस्पेक्ट डर ना हुआ डर तो डर होता है चाहे किसी भी तरीके का हो किसी का खौफ था कोई ऐसा था जो इसको लगता था कि यह competition है या यह बराबर के समत था समत खान, उनका पूरा competition था, अमिर जादा आलम जेब, जो दोनों पठान भाई थे, वो दोनों उनके लिए full competition थे, उनको तो ख़दम कर जाता ना, किहर दिया था लेकिन डरता भी तो था ना ऐसा नहीं था कि वो मतलब उठा और मार दिया और चल दिया, ना उन लोगों को मारने करने में इसके दाउद इबराहिम के वी ऐसा नहीं है कि आसानी से मार दिया और जिन दिली पजीज की मैं बात कर रहा हूं उनका बेटा जो है حमीद और वो दूसरा उसका नाम भी मैं बोल रहा हूं वो दोनों से तो दाओद इबरहीम चार मास दूर रहता था बहुत कतरनाक थे वो दोनों वो तो ऐसे थे कि उनके पास में एक बाइक हुआ करती थी 550 CC की आलम ये था कि वो बाइक जब जिस रास्ते से गुजरती थी उसके साउंड से लोगों को पता चल जाता था कि दिली भाई के लड़के आ रहे हैं रस्ते खाली हो जाते थे डोंगरी के रस्ते खाली होते थे वो दौर था और दाउत अब्रहम भी दूर रहता था था छोटा राजन को थपड मारा है इसने हमीद ने वो किसी से नहीं डरते थे, पागल थे वो दोनों एकडम, सिर्फिरे थे एक बार तो यह मारने ही पहुंच गया था दाओद को, तो बच गया फॉर्चुनिटली किसी करण से मन्या सुरुवे को मरवाने के बारे में ये कही जाता है कि दाओद इबराहीन की टिप थी वो और मन्या सुरुवे निश्चित और से इस कदर खतरनाक था और उसने खुले आम ऐलान कर रखा था कि मैं मुस्लिम माफिया को खदम कर दूँगा और वो उसका सबसे बड़ा competitor था जितने बड़े पठान नहीं थे उस से जदा बड़ा क्योंकि वो elusive था इसकी दाएं बाएं आज पास उसको हवा तक नहीं लगती थी कि वो कौन है?
14:57कहा है? कैसा दिखता है? क्या करता है? कहां रहता है? किसे मिलता है किन के पास आता जाता है उसके पीछे एक लंबी स्टेटेजी के तहट उसको इन्वेस्टिगेट करवा कि उसके पीछे खबरी लगा कि उसकी इन्फॉर्मेशन निकाल करके पुलिस को दी गई और उनने जाकर के इनकाउंटर किया ये कहानी किस्सा दुनिया बताती है आज भी, हमने भी ये बातें सुनी है, मेरा कोई फरस्ट हैंड एक्स्रियंस नहीं है, लेकिन मैं जिन इन्फॉर्मेट से मिलता हूँ, जिन पुलिस ऑफिसर से मिलता हूँ, या जिन अधर ये कहना चाहिए कि गुपतचरों से या जासू अश्रों से मिलता हूँ, उन लोगों से हमें ये खबरें मिलती हैं। अरुन गवली से डरते थे दाओ? ताहिते हैं अरुन गवली वगैरा से कोई ख़ौफ का नहीं स्लसला था, अशोग जोशी से जरूर उसको ख़ौफ था डर था, इसलिए बाद में उसने अशोग जोशी को भी मरवाया, उसने दाओध ने अपने सामने जिन जिन लोगों से उसको डर हो सकता था, उसने सब को मर बड़ा राजन को मरवाया, हर उस आदमे को मरवाया, किसी को नहीं बख्षा, तो जो डरता वो तो सभी सब, देखिए आपको बता देता हूँ कि अंडर वर्ल एक ऐसी जगह है, जहां आदमी आपको उपर से शेर दिखता है, अंदर से चुआ होता है, चाहे कोई भी डाउन ह कि खत्रा है हर जगे हर जगा है ना अपना ही आदमी इंवर्मेंट निकल जाए अब कोई भी कभी भी मुझ भोड़ ले क्यं� pois इतनी स्चेकरिटी में रहते हैं यो आफ छूप करके रहते हैं आपको सिस्टम से तोань है जी गैंगों से भी डर है आपके अपने लोगों से भी डर है क्योंकि आप भी जिन सीडियों को उलांग करके वहां पहुंचे हो या दिनको काट के आप पहुंचे हो ऐसा हो सकता है ने कि उसी चीज को उसी घटना को या उनी बातों से सबक ले कर के कोई आपके साथ गेम कर जाए वो कोई भी यह जो सारे करिमिनल्स हैं सारे डॉं दें including Daud you look physically strong थे कुछ पठान गेंग था बासू दादा थे अश्व कुछ लोग थे दाओ बाद नहीं नहीं दाओ बाद नहीं दाओ बाद बाद वगेरा सब यह सब मेरे आपके जैसे सामाने लोग है अरूर अबली बस बस लोग थे और इनके गंज तीन क्या था इनके पास courage था कले जा लड़ने का भिड़ने का, कतल करबा देने का, system से लड़ जाने का और उसमें अपने आप को jail अगर चला जाएं मैं तो भी मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा ये चीज मान लेने का
17:26सारे पुलिस वालों नों भी पताया है कि जब आप बहुत बड़े -बड़े गैंसे कि एकदम गन पॉइंट पे भी रखते हो तो भी वो हसरे होते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि अभी भी मरेंगे नहीं हो एक तरीके से डेट डिनायल उनके दिमाग पर चड़ जाती है यह होते हैं मॉटल हैं उनको कहीं से भी निकल सकते हैं इसलिए उनमें कलेजा बढ़ते जाता है उन्हें लास्ट मॉम्मेंट तक भी ऐसा नहीं लगता कि वो मर जाएंगी उनको लगता एंड में भी गह रहे ही, अभी भी हो जाएगा, अभी कोई बचा लेगा यह फिल्मी बाते हैं, ऐसा कभी नहीं होता बट क्राइम सारे क्रिमिनल साइकोलोजिस्स बोलते हैं एक -दो लोग होते हैं ऐसे, हजार लोगों में, एक करोड लोगों में, एक लाख लोगों में ऐसा एकाद कोई में होता है दीदावर, जो डेट डिनायल सिंट्रोम वाली जो बात आप कह रहे हो, उसमें जा पहुंचता है, जैसे एक बंदा था, यही आपने, जैसे मनिया सु वे उसमें वो चीज़ थी यो घार लो जो घार सकते हैं मारना है मार दो साल है चलेगा लेकिन मैं तो ये करके कुछ नहीं तो ऐसे लोग होते हैं लेकिन सब नहीं होते हैं मुश्किल से वो 0.001 % चांस होता है कि कोई एक मिलेगा बागे सब तो डरते ही हर आदमे डरता है तेखिये मृत्यू का डर होता है परिवार के अहित का डर होता है आपकी आपका इलाका चिन जाने का डर होता है आपकी पूरी प्रापरटी चले जाने का डर होता है अब दाओत को क्या बोलोगे Was he a mafia or a terrorist?
18:45He was a mafia and he is a mafia Terrorist नहीं है? नहीं मेरे लिए नहीं है क्यों क्योंकि इसी ज़े तो भगे वर terrorism का उन्वेप पर claims and that's why he lost आपने चार्च लगाया है ना प्रूव कहा हुआ है चार्च लगे हैं It is not approved yet क्यों आपके लिए mafia है और terrorist नहीं है? भाई आप प्रूव करो ना कि वो टेररिस्ट है, आपने किसी भी कोर्ट में उसको ऐस अ टेररिस्ट सजा नहीं दिया आज तक, इंदुस्तान की किसी आदालत में नहीं हुई है, मैं क्यों माफिया है, उसके तहट उसको सजाएं हुई है, तो उसके आइडियोलोजी की कोई � लड़ाई नहीं थी आइडियोलोजी के लड़ाई नहीं थी वो तो मुर्खता में वो फंस गया आईसाई के जाल में आईसाई वालों ने टाइगर मेमन को पटाया कि भाईया 93 का ब्लास्ट करा दो तो दाउद इबराहिम को थोड़ी उनने बताया था कि इतनी इंटेंसिटी को यहां की कुछ महिलाओं ने तूटी भी चूड़ियां भेजी थी या चूड़ियों के बख से भेजे थे कि तुम यह पहन लो हाथ में हमारे सुहाग भुजड़ गए और तुम वहां पे बैट करके वो कर रहे हो तुम कौम के मुहाफिज नहीं हो तो उसके मन में भी यह कह का favor करता हूँ, मैं defend नहीं कर रहा हूँ, मैं वो सच्चाई बताने की कोशिश कर रहा हूँ, जो लोग नहीं मानते या जानते, सच तो यही है, आप अगर पूरे case की chronology देखें, तो आपकी ही जो charge sheet है, 93 blast की, उसमें ही यह चीज़े लिखी हुई है, कि फलाना -फलाना मेजर था, बृग्रेडियर था, वो लोग ऐसे शामिन थे, वहां का एक लोकल तस्कर था, उसने जाकर को और इन लोगों की आईसाइ से मुलाकात करवाई, टाइगर मेंट की, फिर टाइगर मेंट ने छोटा शकील से इन लोगों की मुलाकात की, छोटा शकील ने का बिना भाई की जानकारी के ये काम नहीं हो सकता, उनकी रजामन्दी जरूरी है फिर उन्हें दुबए ने डुबई में इन लोगों की मीटिंग और्गनाइश की मीटिंग और्गनाइश की तो Daud को बोला गया कि यह साप करना चाहते हैं बद्ला लेना चाहते हैं उसका उसने कहा कि लो उसको तो लगा यह दंगा करें थी उसको यह पता ही नहीं था कि ऐसे ब्लास्ट करेंगे यहां आकर के कहानी के दूसरा हिस्सा आ जाता है दाउत की जानकरी के बिना इन लोगों ने पूरा प्लान किया इतने सारा RDX ले कर किया है पाकिस्तान से इतने सारे ग्रिनेट्स ले कर किया है इतनी सारी AK-47, 56 आई, उनके साथ में thousands of ammunition आया, उसमें से कुछ जो है, यहां पर इस्तेमाल हुआ, कुछ मदबरदेश चला गया, कुछ गुजराच चला गया, वहां पर आज भी वो रखा हुआ है, चुपा हुआ हुआ कई -कई जगों पर, सारा बरामत नहीं हुआ अभी तक और वो अभी भी वो चाहें तो रिट्राइव करके और उसका यूटलाइजेशन कर सकते हैं I don't think so की RDX सब इस्तेमाल हो पाएगा लेकिन AK47 और उसके जो कार्टरीजस हैं वो अभी भी आराम से इस्तेमाल हो जाएंगी, वो खराब होने वाली चीज नहीं है, तो वो जो चीज है, उसमें मेरा तो डिफेंड करने का मामला ही नहीं है, मैं तो सरफ हिस्टरी का वो पक्षा आपको बताने की कोशिश कर रहा हूं, जो हमारी हुमन एनार्की है, यह यह उसकी हिस्ट्री का एक पार्ट है जिसका एक हिस्सा लोगों को पता है मैं दूसरा पन्ना पलट करके दिखाने की कोशिश कर रहा हूँ तैस इट पर हाई कोट ने बोलते था है कि इंडिविजल केपासिटी पे दाउत अबराहिम इस देखला है टेरिस्ट अगर हाई कोर्ट ने बोला है तो हाई कोर्ट की बात को मैं एंडोर्स करूँगा कि हाँ वो टर्रिस्ट है अब यूं तो दाओद इबराहीम के तोरा वुरा की पहाड़ीयों में जा करके दो बार उसामा बिन लादेन से मिलने का जिकर भी आता है लेकिन वो जिक्र आता है मुझे नहीं पता वो मैंने भी खबर लिखी है सूत्रों के हवाले से
22:53कितना पैसे कमाता था दाओध इब्राहिम जब मुंबई में था तो कमाई उसकी 2000 करोड उपे साल की होगी और जब यहां से चले गए उसके बाद में तो उनकी कमाई वड़ करके जो है वो मिलियन्स आफ डॉलर्स में हो गई क्योंकि उनका जो ग्रूप है वो डिरेक्टली फिर ड्रक्स की स्मगलिंग में जुड़ गया गोल्ड की smuggling में बड़े पहमाने पे आ गए, blood diamond की smuggling में आ गए, small arms smuggling में आ गए, और उसके अलावा उनोंने legitimate business जो है पूरे worldwide खड़े कर लिए, legitimate business कौन सी income stream जा उसकी? क्या नहीं है उनका उनके प fasten airlines है उनके पास एरिडियो station है उनके पास तीवी station है उनके पास में चेनnant of shops है laundry shops उनके पास में wheat fields है उनके पास में container yard है उनके पास container liner है उनके पास क्या बलते है wiggle ये जो ہوتे है hotels hotels वगेरा तो है ही और उसके अलावा तीन gold mine fields में उनके investment है North America में तो North Africa में sorry और ऐसे बहुत सारी जगा है जहां पर उनके legitimate कौन सी एरलाइन जो उनकी क्या है नेपाल में है ऐसे कब से कब 10-12 businesses हैं उनका जो पूरा काम सभालने वाला विक्ती था जिसका नाम था जमीम शावर्व जंबो उसको इंडियन इंटलिजन्स एजेंसीज ने अली बुदेश अरुन गवली और बबुश रवास्ताव का जो कंसोर्टियम बना हुआ था उन लोगों ने मिल करके और ठीक इसके सामने राजमहल के सामने उस दाउट टॉआ डाला था उसके बाद में उनका यह सारा बिजनेस ज्यों वो खतम हुआ था आज भी fir थे अज़ इस स्चराइब की तसकरी भुर आपके ब्लड डामंड की स्मग्लिंग है स्मॉल आर्म्स की स्मग्लिंग है आज भी इंडिया में स्मगल हो रहे है बिल्कुल हो रहा तो एक मंदिर के बाहर से एक चपल चोरी नहीं हो सकती इतना बड़ा गैंग, इतने बड़े -बड़े कंसोर्टियम गैंग के कार्टल्च ये सब बनना इतना आसान काम नहीं है यह इसलिए बनते होते हैं क्योंकि आप यह होने देते हैं आप इन को बढ़ा करते हैं पहले होता हैं आप इन से रिश्वत खाते हैं इन के केसिस दबाते हैं इन के लोगों की केसिस दबाते हैं जो गैंकस्टर्स हैं या किलर्स हैं फिर जब ये लुग इतने बड़े हो जाते हैं तो फिर आप उनके खिलाब जाने की हम्मत नहीं जुटा पाते है आज हूड यू थिंक सबसे बड़ा गैंक्स्टर कौन होगा इंडिया में ताउर इबराहीम ही है और कोई नहीं है आज भी वो इंडिया में इतना फैला है उसका काम और वो करता है बिलकुल करता है उसके नाम को सप्रेस करने के लिए और ये दिखाने के लिए कि भाई अब एक हिंदू का मुहाफिज आ गया है लाॉरंस बिश्णोई नाम का उसके नाम का इस्तिमाल किया जा रहा है वरना तो जो दो बड़े हत्याकांड हुए हैं इस देश में जिस पे मतलब लाॉरंस बिश्णोई का नाम आता है जि उत्तरपदेश के लड़कों ने आकर किया है। लॉरेंस विश्णोई क्यों उत्तरपदेश के लड़के इस्तिमाल करेगा। उसके पास में एक से एक बहतरीन शूटर जो हैं वो हर्याना और पंजाब के हैं। दिल्ली के हैं। उसको जरूरत नहीं है। आगेर शुपारी योई जा एक किसी औरा ने की है, नाम इसका दिया जाँ रहा है, कियो आहिं हो क्यों हो तो एक निर्टिव जो पहले हमारी बादो ल ön झाले ह क्यों घुए है, किसी इसलिए दिखाना है क्योंकि भाई वो मुसलमान वो है ना क्रिमिनल डॉन उसकी कोई इज़त अब कोई वैल्यू नहीं बची हिंदू डॉन है अब जैसे एक वक्त में मन्या सुरुवे को हिंदू डॉन बताने की कोशिश की फिर उसके बाद में अरून गबली और अमरन intelligence officers those who wanted to do this politicians or intelligence officers चाते हैं कि एक criminal खतम जो नहीं हुआ है उसका narrative खतम करने के लिए हम एक कोई दूसरा false narrative का एक नया criminal बना दें यह हमेशा होता आया है यह आज भी हो रहा है होता है होता है बट क्यों why do you think किस हैपन मैं वो पूछ रहा हूँ क्या हो रहा है क्योंकि आपको अपनी आइडिलोजी उपर लानी है अपनी सत्ता बनानी है उसको बनाय रखना है लोगों के मन में खौफ पैदा करना है देखिए आपको बताता हूँ दाओद इबराहीम का खौफ इतने सालों से आज भी त पन्वेल फार्म की रेकी करवाई उसके घर के ऊपर गोलियां चलवाई गोली चलाने वाले कौन निकले UP के चिंदी चोर जिनकी कोई वैल्यू नहीं जिनकी कोई वकत नहीं 55 ,000 रुपे में 50-50 ,000 रुपे में उन लोगों को ले कर किया है इनको खार में जो murder case हुआ, बांदरा में, उस murder case के आरोपियों को कितना पैसा मिलना था, पांच -पांच लाक रुपे पर हैट, वो लोग तो tissue paper है, use and throw, उसकी गैंग के लोग क्यों नहीं आ करके काम कर रहे हैं, क्योंकि वो लोग involved भी नहीं है, और जिनको ये चीज़ करके � film industry पे कबजा करना है, film industry के अंदर एक psycho fear create करना है, हमारी बात नहीं मानोगे है, हम तुम में मान देंगे, हमारा narrative सेट करने वाली फिल्म है बनाओ, वैसी ही web series बनाओ,
29:45वो काम तल रहा है, असल में, और यही चीज गलत हो रही है, आप एक state actor बना करके, या उसके नाम से एक fake identity create करके आप उसको बड़ा बनाने की कोशिश कर रहे हैं ये वो भसमा सुर है जो आप ही के बीछे किस दिनों बाद भागेगा और आप ही किसी रुपे हाथ रख करके उसी आशिरवाद का जो है वो इस्तिमाल करके और आपको बस्म करने की कोशिश करेगा तब आप इसको मारोगे ये सारे गैंक्स्टर्स सब माफिया चोटे -चोटे लेवल पे स्टार्ट होते हैं ये और इतने बड़े बड़े हो जाते हैं इतने बड़े आप नाम ले रहे हैं इतना कहर हो जाता है, हर जगे हम लोग इनके बारे हम बात करते हैं, ये रिक्रूट कैसे करते हैं? बहुत आसान है, कैसे? इस देश में विरोजगारी कितनी है, अस्वतालों में आदमी इलाज के लिए परिशान हो रहा है, मैं यंग बच्चा हूँ, मेरा बाप बीमार है, मा बिमार है किसी को कैंसर है किसी को कुछ है पैसे नहीं है अरे बटा क्या प्राबलम है ये है इनके रिक्रूटर गूंते रहते हैं देखते रहते हैं परिक्षाण जटा लोगों को तंगाल लोगों को ये काम मेरा कर तुझी को पैसे दीता हूँ पैसे दे दिये उसके बाद काम करवा लिया मुंबई में तो एक बड़ा नामी सुपारी किलर था मुझे अभी उसका नाम याद नहीं है गोरेगाउं वेस्ट कही था वो उसको एक लड़की से महबबत थी उनके परिवार के लोग जो है शादी के लिए राजी नहीं थे वो गए एक कॉर्परिटर के पास में गरेकाउंवेस्ट के ही जो कि खुद एक वक्त में बड़ा अंडर वर्ल का क्रिमिनल था गैंक्स्टर था उसको कहा कि भाईज़ाब हमारी शादी नहीं हो पारी है वो है इसकी ऐसी की तरशी कोई क्या बिगाड़ता है तुम्हारा मैं देखता हूँ आज से मेरा तुम्हारे उपर हाथ है उसने महीं पास में अपने घर के उनकों कमरा लेके रख दे दिया और तुम यहार वे रहो फिर उस लड़के को धीरे से जो है एक नौकरी दिलवाई अब वो लड़का इतना प्रीजड है कि एक बार जो है इस कार्पुरेटर ने कहा कि जा मेरा ये काम करके आ वो करके आया होते होते होते वो उसको एक बार सुपारी दी कि ये उसको मार के आया और ये बिकेम वन अफ दे डिड़िड दे मुस डिड़िड सुपारी किलर तो ऐसे बहुत सारे तरीके होते हैं जिनसे की इन लोगों को जेलों में recruitment होती है और inके recruiter अलगी होते हैं जैसे आपके हमारी कंपनियों में HR heads होते हैं वैसे इनके recruitment का काम करने वाले लोग भी होते हैं तो वो जेल में बिना किसी कारण के भी चले जाते हैं कोई छोटा मुटा क्राइम किया जहल चले गए और वो बेल के लिए अप्लाई भी नहीं करेंगे वहाँ छे महीने साल बर दो साल पढ़े रहेंगे बिना बेल के देखने के लिए परकने दे लो और वहाँ से वो देखते हैं
32:35औरेe, क्या हो अरे, तो तेरा तो तेरा केस में ऐसा दम नहीं था तू क्यों नहीं बाहर, वो ली भाइपास मेरे बागील नहीं है। वो सभब उनके पास भी पाइसा नहीं है, अरे कितना पाइसा लगेगा, क्या है, चल छोड़ छोड़ मैं करवाता हूं, कभ है तिरी तारीक, फलानी तारीक, तो कौनसी कोर्ट में है, तो चार नंबर में तेरे को काला कोर्ट मिलेगा एक, काला कोर्ट यान वकील, यह वहाँ पहुंचता है, दो वकील पहले से खड़े मिलेंगे, अरे एक्स वाईज़र्ड, हाँ साब, फलाने उन्हे भेजा है, तेरा केस हम लड़ेंगे, ले वकालत नमा साइन कर, वकालत नमा साइन कर दिया, उसका केस फ्री में लड़ रहा है, पंदास दिन, पंदरा दिने, एक महन दो मेहने में जमानत करवा दी, जमानत की रकम भी उन्होंने जमा कर दी, वहां से अदर वर्ल्ड से पैसे सारे आ रहे हैं, ये वकील लड़ रहे हैं, ये लड़का प्लीज हो गया, बाहर आया, आते से ही उसको जो रिक्रूटर का आदमी है, वो मिला लेकर कि गैंग बॉस के पास गया कि सर ने रंगरूटा गया हाँ भई क्या करता है रलका सर गाड़ी वड़ी अच्छी चलाता है लगा इसको धंदे पर आज से ये गेट अवे कार चलाएगा सर इसने पिछला वाला जो भाई इसने जो डखेती मारी थी, उसमें दो लोग मार दिये थे अरे इसको लगा नहीं आरे इसको हज़ियार जानता है कौँ सा सामान चलाता है बहुले भाई मैं पिस्टल कटा ये वो चलाता हूँ हाँ इसको दे सामान दे उसको लगा दिया धंडेप अलग पडा वो कतने लोग हैं ऐसे मैं तो जितने भी शूटर से मिला हूं या किरिमिल से मिला हूं मुझे आलमोस इसी तरह की कहान निया सबसे सुनने को मिली कई हों से मैं जेल में मिला कई हों से पुलिस लॉक अप में मिला कई हों से मैं बाहर भी मिला कि ये लोग अंडर वर्ल में आए क्राइम तो किया उन्होंने क्रिमिल तो वो है बट साइकी क्या थी फॉर्स ताइम कैसे आए क्यों आया भाई और दूसरी चीज मेरा समाज मेरे सिक्षक, मेरे माता पिता या उनके रिष्टेदार या कोई लोग क्यों असفल हुए उसको वहाँ तक पहुंचाने से रोकने में इस उस्पेक्ट पर हम लोग काम नहीं करते हैं हम जो कहानिया लिखते हैं हम जो किताबें लिखते हैं उसमें हम उनके सर्फ कराइम के बारे में खते हैं है देखे ग्लैमराइज करना में किसको बोलूँगा आपने अच्छी जी जाद दिलाई गंगू भाई के उपर जो फिल्म बनी थी वो ग्लैमराइज करना था क्यों क्या गलत था असमुए सभी कुछ गलत था गंगु बाई कभी भी दान नहीं थी पहली बात तो वो एक उसकी छोटी सी मादाम थी ब्रोथल की ठीक है ब्रोथल की पर थी ना थोड़े से उसने औरतों लड़कियों के लिए एक लड़ाई की वो लड़ाई क्यों कि?
35:37क्यों कि उस जगह का से उनको अपदस्त करके उनको हटा करके वहां से और दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा था. तो चुंकि वहां पे उनका धंदा चलता था, उस धंदे को बचाने के लिए उसने लड़ाई लड़ी थी. औरतों की लड़ाई नहीं थी वो तब ही कुछ लिए ओरतों को रिफार्म करके उनके लिए कोई बहुत बड़ा उसने एक संगठन खड़ा करके और उन लोगों को बचाने की कोशिश की हो उनको प्रोस्टिटूशन से निकाल करके उसने समाज का हिस्सा बनाने की कोशिश कियो और वो सब नहीं किया था उसने वो जो लडाई लड़ी थी और वो जाकर के जो नहरू जी से मिली थी तो वो सिर्फ इसलिए थी कि हमको यहां से उजाडा ना जाए तो उसमें कौन सा महान काम हुआ वो तो कोई बहुत बड़ी चीज नहीं हुई वैश्याओं को वैश्याइम बनाए रखने का ही उसने काम किया ना मैं उसको ग्लैमराइज करना मानता हूँ और फिल्म में जिस तरीके से दिखाया चुनाव होता है और उस चुनाव में उसने ये किया वो किया और वो चुनाव जीत गई ऐसा तो कभी होता ही नहीं था जो फिल्म में दिखाया है कि तमाम औरतें जा करके और बड़े लोग तांत्रिक तरीके से अपना डॉन चुन रहे हैं कोई नहीं होता, डॉन हमेully कापिज होता है पिसे राज्य में सत्ताइं जो हितिया ही जाती है छांगिर ने उसको मारा या औरंग्जेब ने उसको मारा, अगने बहाई को मारा, अपने बाई को मारा, और कमकर हमारे हिंडु जो राजा सो कॉल कहे जाते हैं उनने भी ये कतले आम मचाएं अपने बरिवारों में रहनिवासों में और इसमें बड़े ये सब कतले आम हुएं तो वो काबिज होता है इनसान ये जो चीज है ये अंडर वर्ल में चलती है तो और उनकी लाइफ स्टाइल आप देखेंगे न तो आप बोलेंग पट्टा, चश्मे का फ्रेम, हर चीज सफेद होती थी, हिंदुस्तान में सफेद रंग के कपड़े पहनने का जो असल फैशन आया है, खास और से क्राइम वर्ल्ड में, उसका क्रेडिक सिर्फ हजिमस्तान को जाता है, लेकिन जब वो फिल्म इंडस्ट्री में आया और जब � ये सब काम करने कराने लगा, उसने बहतरीन ब्लाक कलर के सूट बनवाया अपने लिए, आप उसकी तस्वीरें देखिए, वो काम देखा उतार देखता है उसमें, लड़कियां, और ते मरी जाती थी उसके उपर, समझे आप मुस्लिम नहीं हिंदू और लड़कियां भी उसके उपर मरी जाती थी कितनी उसकी दोस्त थी मेरे जो ये किताब है मस्तान उसमें हमने पूरा का पूरा वो सारे जिकर किये हैं इन चीजों के और वो कोई भी थोड़ी शादी कर ली उससे moving on एक चीज भहत constant है underworld, gangsters, mafia, आज के criminals में और सारे जो bad actors है that is bar, dance bars क्यों है वो एक ही अड़ा क्यों है जहां से constant उसकी क्या history है dance bar जो है उसका इतिहास करीब करीब 44-50 साल पुराना है सुनिया बार नाम का एक बार था जहां से ये कहानी शुरू हुई नादिमन पॉइंट से वो जो उसके पार्टनर्स थे उसमें से एक को लगा कि अरे यार बार में अच्छी इंकम वगेरा नहीं हो रही है तो क्या करें तो उन्होंने कहा की लड़कियों को वेटरस रखते हैं जब लड़कियों को वेटरस रखने लगे तो गलाहमर आगया तो लोग वहां जदा आने लगे फिर उसको लगा की यार बिजनस और भी बढ़ सकता है कुछ और करते हैं तो फिर उसने औरकेस्ट्रा डाला औरकेस्ट्रा के कारण भीड और बढ़ चली फिर उसे एक दिन लगा कि यार और भी कुछ करते हैं तो उसने डांसर्स जो है उनको हायर किया और डांस करवाने लगा और जब उसका बिजनस अच्छा चला तो वो भूम आगया मार्केट में और उसके देख्या देखी जो है पूरे मुंबई में जगा जगा जगा जगा बार वालों ने डांस बार बनाने शुरू कर दिया Mostly उस समय जो है लाइव और्केस्टर प्लस डांसर्स होती थी थी फिर बाद में धीरे धीरे ऐसा वक्त आया कि उन्होंने कहा कि लाइव औरकेस्टर रखने की जडरूत नहीं है, ये लड़कियां तो कुछ भी ठुमके लगाएं, कुछ भी छातियां हिलाएं, लोगों को तो मज़ा आता है, इसको फिल्मी गानों पे चलाओ, तो गानों के ओ बड़े हैं और इन लड़कियों का ग्लैमर है इनको इस्तिमाल करने इनको उपभोग करने की एक जो मानसिक्ता है वो है मानोजाती में पुरुशों में इसके करण जो है अंडर वर्ल्ड उन लोगों के पास जाने पहुँचने लगा इंडिया का या मुंबई का जो अंडर वर्ल्ड की लडाई शुरू हुई है जो पहला गैंग वार शुरू हुआ है वो सुनियाबार से ही शुरू हुआ है किन के बीज़ में?
40:53पठानों, यानि अमीर जादा आलम चीप दाओद गैंग के बीज में क्योंकि एक लड़की को जिसके उपर ये पैसा लुटाया करते थे पठान उसी पर दाओद ने पैसे लुटाने शुरू किये और दोनों उसको अपनी तरफ बुलाने के चक्कर में ज़्यादा पैसा लुटाते थे वो कालंतर में जाकर के हर दरीचे और हर दर्वाजे और हर गली में खून खराबे पर आकर किकर्म होई यह खानी है पर यह तो किसी भी लड़की को कभी भी कहीं से भी लेकर आ सकते हैं क्योंकि इनका इतना डर था या पैसे थे या खौफ था तो कियो डांस बार में जा जाके इसब क्यों करना है? डांस बार में सामने है न भाई? ठीक है, आपको मुर्गा कहाना है, है ना? आप कहाँ जाएंगे? आप निरिस तोटल भी चले जाएंगे? निरिस बुचर किया जाएंगे? लावे दो मुर्गे काट दे, घर ले जाके पकवा लेंगे आप जंगल जाएंगे नहीं न मारने के लिए तो होटल में लड़की मौझूद है मैं क्यों दस जगे पे मुँ मारता गुमूँ और खोजूँ यहां है ना, यह ले पैसा आ मेरी गोदी में बैट पे लड़ाइiform क्यों मैं तो बहुंट लडाइ मेरे बेस जिह भाइ natur मsom तो आज लड़ाइ हैं अब तो उप्रेदा और पके पुब немнож dig δεν भी वह�ए। घजजड़ के चल रहे हैं लीगल है इलीगल है अवैद है आप क्यूज की डांस कराना और ये डांस के उपर पैसे उड़ाना ये सब इलीगल है इंडिया में इलीजगा महरास्ट में बैन हुआ है पूरी तरीके से और लेकिन उसमें Supreme Court की ruling के बाद में कुछ उसमें छूट दी गई है कि ये किया जा सकता है ये नहीं किया जा सकता है तो dance bars के लिए जो rules and regulation lay down किये हैं उसके तहत कोई भी dance bar नहीं चल सकता है उसमें कहा गया है कि इतना उचा pedestal होना चाहिए, इतनी बड़ी जगा होनी चाहिए, उसके चारों तरफ बेरिकेटिंग होनी चाहिए, कोई भी आदमी अंदर नहीं जा सकता, एट टाइम फ्लोर के ओपर दो से ज़्यादा लड़किया नाच नहीं सकती, ग्यारा बजे के बाद लड़किया नहीं रह सकती,
43:25ग्यारा � वो चीजें जो जैसे दुबई में हैं वैसा सिस्टम अब इंडिया में मॉंबे में भी शुरू हो गया कि गुलाब मिलते हैं तो एक गुलाब हजार रुपे का है तो आप जितने गुलाब उस लड़की को दोगे वो बाद में कैश उसका कनवर्ट हो जाएगा और किसी लड� बाद में उस पे जमा करेगी काउंटर पे और उसके बदले में उसको बार का जो कट होता है परसेंटेज वो 20-30-40-50 परसेंट जो होता है वो काट करके बाकी पैसा उस लड़की को मिल जाता है वो लेके घर जाती है यह सारा सिस्टम अप अपने आभी शुरू हो गया है मुंबई में पर यह लीगल है से डान्स चला है नहीं भाई सारा इलीगल है वो और आज भी चल रहे हैं बहुत सारे हों काफी हैं यहां से लेकर के राइगड़ तक खूब है सबको सब पता है यह कोई particular community होती है क्या कि dancers वहीं से आते हैं या लोग यहीं से आते हैं या जो करने वाले हैं वो control को यह एक ही लोग करते हैं dance bar mostly जो चलाते हैं वो एक specific community के हैं जो कि दक्षन भारत के हैं ठीक है वो dance bar चलाते हैं कांट्रोल पूरा करते हैं क्योंकि पूरे मुंबई का अमूमन कहिए कि जो रेस्टराउं बिजनेस है उसके उपर उसी कम्यूनिटी का कब जा है almost मतलब 60-70 % कह लीज़े और उतनी ही मातरा में जो लड़कियां है वो बंदेलखंड बगेलखंड मद्परदेश का जो इलाका है और आपके उत्तरपरदेश में आगरा और मत्वरा उस इलाके में पाई जाने वाली एक जना जाती है उसकी लड़कियां होती है उनका भी ताद 800 सालों से उनकी बेटियां जो हैं यही धंदा करती है और रत्य और वहाँ पे बेटे, बाप और भाई अपने हे घर की कुमारी, बेटी बहन से के दलाल के रूप में काम करते हैं और उनसे धंदा करवाते हैं
45:53यह ऐसी ये community मद्परदेश के मालवा sector में भी पाई जाती है रतलाम, जावरा, मंसौर इलाके में नीमच साइड नीमच भी उसमें शामिल हो जाता है वो पूरा जो अपना नीमाड का बेल्ट है वहाँ पर वो भी एक community पाई जाती है और ये highway number 36 जो है उसके दोनों तरफ तो इनका बड़ा settlement है आपको आधा एक किलो मीटर पे 500 हजार मीटर के उपर इनके 10-15 पंदरा घरों के settlement मिलेंगे वहाँ पे जहां भी 2-4-6 ट्रक खड़े वे हैं और छोटे -छोटे घर बने वे हैं यह मान के चलिए कि यह इस community का इलाका है जहांपर कि वो टक चलाने वाला जो बंदा है वो हलका होने गया है वो लड़की के साथ समय विताने गया है यह उन्हीं के घरवाले बेशते हैं हाँ यह उनके परिवार लेकिन वहाँ पे एक नियम है नड़की जब तक कुमारी रहेगी, तब तक प्रस्टितूशन करेगी, जिस दिन उसकी शादी हो जाएगी वो प्रस्टितूशन करना छोड़ देगी, और जो प्रस्टितूशन करने वाली लड़कियां हैं उनकी देखभाल करना, उनके खाने पीने का 인तजाम करना, उनके well-being का सारा काम जो है फिर ये विवाही तो माई लाएं करती है वो घर की कमाने वाली इस्तरी होती है लड़की होती है इसलिए उसका ध्यान उसका सब चीजें जो है एक कमाने वाले पुरुष के जैसा किया जाता है वहाँ पर पुरुशों को बहुत वो नहीं है, हलांकि पुरुश वहाँ के सब इस कम्यूटी के कामचोर और तमबाकूख खाने पीने वाले, दारू पीने वाले और इस तरह के लोग होते हैं, वो सिर्फ खाना पीना और वक्त खराब करना, जुआ केलना, समय खराब करना, य कम्यूनिटी के मैं बात कर रहा हूँ, उनका इतिहास ताजमहल से जुड़ाववा है, ताजमहल जो है, जब उसका निर्मान हो रहा था, तो वहां के मजदूर जो है, वो बहुत आपस में लड़ा करते थे, शराप पिया करते थे, और बहुत उत्पात मचाया करते थे, क्यों पास में मनोरञजन का कोई साधन नहीं होता था उनके पास में अपना sexual frustration निकालने का कोई साधन नहीं होता था तो ये जो community है इनके लोगों को बनिलखंड के इलाके से उठा करके बगहलखंड के इलाके से उठा करके और वहां पे जो ताजमहल के आसपास के बाईस گाउं थे उन के बीज बीज में छे गाउं के अंदर यन को बसाया गया और उन छे गाउं में जैसे एक गाउं है तो उस आसपास के चार छी गाउं जो है उनके जो लिवर्ड्स होते थे वो वहां आते थे और वो लड़कियां जो है वहां पर रात में नाचा करती थी और जब वो नाचती थी तो वो एक खास किस्म का सरवागी जो है खारती वो एक फार्म को बाद में राई नाचती थी राई राई राई राई रित जो है उस कहलाने के पीछे एक कहानी ये कही जाती है कि उस वक्त मैदान में वो नाचा करती थी और जिस जगह वो नाचती थी उसको लोग अखाड़ा बोलते हैं हम कृष्टी करने वाली जगह को अखाडा कहते हैं
49:10और उनकी छो चूनरी होती थी वो वक्षस्तल से भी नीचे तकाती थी और वो जब नाचती थी और जो फिरन करती थी जब चक्रियां लेती थी उस वक्त میں कभी -कभी थोड़ासा उसका चेहरा दिख जाता था वस उतने में ही लोगों को मज़ा आ जाता था और ये जब नाचती थी तो उस समय में दो मशालची जो है मशाल ले करके लड़की के आगे आगे गूमते थे सेक्यूरिटी नहीं ताकि उसकी रौशनी में लोगों को नाच देखने का मौका मिले और वो जो मशाल होती थी वो मशाल में जो बना करती थी वो राई के तेल से और राई की ज़ो खली होती थी तो डाल करकर बना करती थी इसलिए वो नाच राई नाच के रूप में कहलाने लगा दूसरी एक उसके बारे में ये कहनी कही जाती है कि ये जो राई नरत्य है वो चुंकी नृत्य जो है वो घूम करके किया जाता है उसके करण उसका नाम जो है वो राई पड़ गया इसके उपर मैंने एक पूरी की पूरी किताब लिखी है अगले जनम बेड़नी ना की जो तो ये जो लड़कियां जो नृत्य करती थी या prostitution करती थी जो वो होती थी उनको बेड़नी कहा जाता था और जो काम छोड़ देती थी जो शादी सुदा हो जाती थी फिर वो बेड़नी नहीं कहाती थी तो ये जो community है अब उसके अंदर काफी changes आ रहे हैं उन लोगों ने बहुत सारा मतलब जो है अपनी जिन्दगी में चैंजने में चेंजिस कर ली है कुछ लोग जो है अच्छे जौब में चले गए हैं, कुछ रड़कीयां जो है अच्छे कामों में चली गए हैं नौकर्या गाने बिजनेस कर रहे हुआ है लोग। खेती किसानी भी कर रहे है लेकिन जो प्राचीन परंपरा है हुसके तहत भी काम चल रहा है अज तक क्यू चल रहा है आज क्या मैंदसेट होता होगा लोग का उस दमाने में तो में भी यह तो काम नहीं होता होगा या force होता होगा असपास के लोगों को forcefully कुछ करते हैं किसी ना किसी reason से उस दमाने में चालो होगे जो इतने सालों पहले होगे चालो आज क्यों करते हैं दुनिया का सबसे पुराना और सबसे बड़ा profession आपको मालू में क्या है prostitution सबसे पुराना और आप इसी एक धंदे को कभी ख़त ने कर सकते कहीं से USA ने भी बैन किया था लेकिन उसका कितना negative impact उनकी economy पे आया था social life पे आया था वो देखने के बाद में उन्होंने वो बैन हटाया हमारे भी देश में officially बैन है prostitution लेकिन उसको बंद करवाने में हमारा सिस्टम रुची नहीं रखता है उसका रीजन यह है कि जो सेक्सवल हंगर है उसको वेंट आउट करने के लिए यह इस डिमांड को पूरा करने के लिए इनका होना जरूरी है समाज में यह माना जाता है तो इसलिए उनको छूट दी जाती है कि वो लोग अपना चुपचाप करते रहें, लड़ाई जगडा ना करें, कोई दंगा फसाद ना करें, बस अपना काम करें क्योंकि यदि जो migrated labor है, migrated workers हैं या कोई और लोग है, sellers हैं वो लोग अगर उनकी sexual hunger पूरी नहीं होगी तो वो समाज में आती जाती हर लड़की हर इस्त्री के उपर हाट डालेंगे तो उससे बचाने के लिए ये ववस्था एक तरह से आँख मूंद करेंगे जारी रखी जाती है
52:31इसको रोका नहीं जाता तो वो तब भी चल रही थी, वो आज भी चल रही है और अगले हजार, दो हजार साल या जब तक प्रित्वी के ओपर मानाओ है, तब तक युवेवस्ता जारी रहे है लिए जिसकी इच्छा हो रही है, खुद करना है, इसमें एंटर करना है, that's their choice मावाप कैसे बेचते है रहे वो कैसे करते हैं वो तो चु कि उनकी ब्लड स्ट्रीम में उनके डियेने में ही शामिल हो गा gigant आप छूने उनके हम गलत लगता ही नहीं है अब मैं कितनी ही ऐसी लड़कियों से मिला हूं या कितनी महिलाओं से मिला ंँ जो अपनी बेटीों को करवाती हैं वो काम उनको दर्द नहीं होता हलंकि मैं ऐसी भी स्तुरियों से मिला हूं कि अन्हों अपनी बेटीों को इस धंदेOM उतर नहीं नहीं दिया अपनी बेटीयों को अपनी बेटीजों महिला से मैं मिला था और जईन की थी उसने पैदा होते से ही अपनी बेटी को चार -पांस साल तक तो अपने साथ रखा लेकिन उसके बाद में उसको हस्टल में रखके पढ़ा है सारी जिन्दगी उसको पता ही नहीं चलने दिया कि मैं वहश्या हूँ एक बंदा जो उसके साथ में था उसने किसी कारण से
53:50मेरे लिए कितना बड़ा sacrifice किया है तब उस बेटी के मन में कितना गर्व आया होगा आप यह सोच सकते हैं और जब मैंने उन दोनों से मुलाकात की थी और मुझको जब यह कहानी पता चली थी तो वो कहानी लिखते वक्त मेरे मन में यहां आया होगा यहां आप सोच सकते हैं गैंग्स्टिरे ही हिस्ट्री में अंडर वर्ल पका गैंश बोर क्ते हर चीजी होती है सबसे ज्यादा ऐला सब एक ऊइमस का पाइब Vic siglo अज समयworkers ओर क fjamich Pamis दो मूंबई का जोगा आपजर लड़कियां हुआ करती थी वेरियस फ्लोर्स पे तीन फ्लोर सक्राइन तीन मनजल पे उनका बार चलता था और हर रूम में जो है एक तदध ii भंटे में लड़कियां पाली गदलती थी उस फ्लोर पे नाचने वाली लड़की जाएगी अपने कपड़े अपड़े जो पसीने में भीग गए हैं वो जाके बदलती है और फिर दूसरे किसी फ्लोर पे चले जाती है वहाँ आज़ती है और अगर कोई धूर यानि की कोई मुर्गा बकरा उनके पकड़ में आ गया है उसी फ्लोर पे जो उन � अच्छा पैसा लुटा रहा है तो वापस उसी फ्लोर पे आती थी कपड़े बदल करके और ज्यादा सेक्सी कपड़े पहन करके आ जाती थी अब फिर उसके बाद में उनके साथ वो करती थी और उसमें अमूमन मुंबई के जितने भी अच्छे डांस बार हुआ करते थे उसम एक दो ही सोफा लगया होते थे उसमें एक दो या चार लोगों के बैटने का आरेंजमेंट होता था और वहां पर उनकी पसंद की लड़की आ करके डांस करेगी दो गंटा चार गंटा च्छे गंटा जितना भी है वहीं उनको ड्रिंक सर्व होंगे और वहीं पर लोग अपना एक class होता था और वो उसके हिसाब से ही वहाँ dance करती थी mostly जो अंडर वर्ल्ड के लोग होते थे वो अपना special class में या private उसमें मुझरू में जा करके बैठा करते थे अपना शामे रंगीन करते थे राते रंगीन करनी है राते रंगीन करते थे लड़कियों को साथ लेके जाना है, लेकर के भी जाया करते थे, बार मालिक की तो अकाद हिम्मत नहीं होती थी, कि रोक ले उनको, तो उनके साथ जाया करती थी, एक यहाँ पे यड़ा गोपाल नाम का एक किलर होता था, गैंक्स्टर होता था, पुरा हमारे वेस्टर्न सब� प्रप्स में आउपरेट करता था वो वो सला इतना पागल और बदकार आदमी था कि जब उसको बियर पीनी है या कुछ भी उसके दिमाग में आ जा तो किसी भी डांस बार में कहीं कुछ जाएगा और वहां से दो तीन बॉटल जो भी है वो ले लेगा उसके साथ वाले भी उ करता था क्योंकि आपने मूँ खुला और गोली मार दी उसमें वो इतना पागल था और वो जाते जाते अंदर बार में या आते हुए वो गल्ला जो होता था cash box, उसमें हाट डालेगा, जितना cash है वो निकाल करके जेब में ठूंस लेगा, जेब में नहीं ठूंसेगा, तो वहाँ पर बार में ले जाकर कि ऐसे उड़ा देगा, फेंक देगा, बार का ही पैसा, बार का ही पैसा, वो सब को बुलेगा लूट लो, और बार का मालिक बेचारा चुप खड़ा होकर के मैनेजर चुप देखेगा हिम्मत नहीं कि उसको रोक दे बोल दे तो इन लड़कियों की सिक्यूरिटी नहीं होती काई की सिक्यूरिटी है ऐसी चीज में वो हैं लोग उसके साथ में वहाँ पर
57:41बांसर खड़े होते हैं, हत्यार वाले भी खड़े होते हैं, अब येडा गोपाल से कौन उल जाएगा? ठीक है न, यहां मुंबई के स्लैंग्स में, तो उसको फ़क नहीं पड़ता है, सोनिया बार और टोपास, इस वर दर टू, वो है, बहुत सारे और रहे हैं, मुंबई में, यहीं पर लड़ाई होती थी, यहीं पर दाओ दन्या, all of these people who are active. काका बार था मलाड में, पेनिसुला बार था एक दादर की तरफ. मैं तो आपको नाम गिनाऊंगा तो शायद आपको पुरा एक पौडकास्ट मनेगा तीन गंटे का उसमें. और वहां के किस्से सुनाऊंगा तो. इस सब्जेक्ट के उपर मैंने तो तीन किताबें लिख मारी बॉंबे बार है, बारबंदी है, बारबंदगी है तीन -तीन मेरी किताबें है, इसी विशाइपे है और पूरा दुनिया, पूरा वर्ल एक्सपोज किया है मैंने उसके अंदर तो एक बार उस पर भी बैटेंगे अब मिले हो किसी क्रिमिनल से?
58:37बहुत हो से मिला हूँ मैं अरून गवली से मैं कई बार मिला हूँ उनके घर जाकर के क्या experience होता है? कैसे मिलते हो? क्या होता है? security कैसी होती है? मिलते हैं कैसे हो? meetings कैसे हो? जुती कैसे होता है यह तो देखे क्या होता है ने कि आपके relationship पे पहली बात तो depend करती है अभी कोई नो कोई एक जरिया बनता है और उनके through हम इन लोगों तक पहुँच पाते हैं तो जैसे अरून गवली तक अगर मुझे पहुचना है तो मुझे मालूम है कि ex-person जो है मुझे तो अरुन गवली का एक बहुती खास जो कहना चाहिए की विक्ति था और उससे उम्र में बड़े थे वो उसको चाचा बोला करते था काका बोलता था और वो मुझे बहुत पसंद करते थे उसके दो कारान थे एक तो मैं बहुती अफ्रंट सीधा बोलने वाला विक्ति रहा हम दूसरा ये था कि उनको बहुत अच्छे, मतलब इसके चरस गांजे का बड़ा शौक था, तो मैं बाज दफ़ा जो है, उनके लिए जब भी मिलना होता था, या कभी भी ऐसे रास्ते चलते भी, तो मैं दगड़ी चाल की तरफ से अगर निकलता भी उकलता था, तो उनके लिए चरस गांजा ले जाया करता था उस समय में दस वीस रुपे में गोली मिल जाती थी बहुत सस्ती होती थी और मतलब उनको ऐसी दे देता था तो बोलते थे कि यार तुझे इतना अच्छा माल किदर से मिलता है मैं बूलता था कि ये पूछ करो गए आपको मिल रहा है मज़े करो और बड़ा खुश होते थे जब कभी मिलना है तो उनको बोल दिया फोन करके कि काका मुझे आज मिलना है तो बूल ये हाँ आजा आजा बटा मैं तेरो को मिल लगा दे थे चले आते थे मिलते थे अ� Likeर Oさん, अमार मेलOS दंसफर हुइब को हम पिसमें था कर रसंद� Ogayibilए खरो अखकते हैं, पाय प्रॉकमेशूर था एपना त्यू booking लगारे तब्ह Squ domestic अगेशूर का जी इसमें पेस उतित रहें बहले होते हुआूंति हमारे अज OUT पता हों कि आप drama कि eight होगी, कुन हो, क्या प which is the front of the temple tour.
1:00:44He was a tribal temple. He was called it by leaving him and then they came here by it. Then, the workplace again close to the temple. The building was by the back of it, and then it came on to Business. So, at first, there would be a這樣 bar e-backed, then from lower bare as well. Where other days, you would have a cooling period given up. था, वहाँ पे आपको CCTV से उनके एक दो लोग जो है वाच करते थे, आब्जर्व करते थे कि ये बंदा कर क्या रहा है, रेस्लिस है, नहीं है, क्या है, क्या नहीं है, फिर उसके बाद पांच -दस मिनट, पंद्रा मिनट आदा घंटा, एक घंटे बाद में उपर बुलावा � उपर जाने के पहले जो सीड्या हैं, वहां पे दरौजा बंद था ता.
1:01:26वहां पे फिर चेक होटा था. उपर पहुचने के बाद में, अंदर दरौजे फिर से एक तालाılा लगा हुआ है. फिर वो खुलेगा, फिर आप अंदर जाएंगे. तो ऐसे पांच छे दरवाजे होते थे सेम इसी तरह की चीज़ें जो हैं वो हुसेन वस्तरा के आँबी थी जो की अपने वक्त का एक गैंक्स्टर ही था लेकिन बाद में वो अच्छा बड़ा ये बना था क्या बोलते हैं पुलिस इंफॉर्मर बन गया था उसके हैं भी सेम इसी तरह की प्रोसेस हुआ करती थी तो उनके हाँ आप जाएंगे तो विर उसके बाद में वहाँ पहुँचने के बाद में सब चीजे नॉर्मल हैं पसीना गुलाब है वहाँ पिर आप बैठे हैं बात कर रहे हैं बड़े इत्मिनान से सब चर्चा होगी, क्या है क्या नहीं है, चाए कॉफी पूछेंगे, खाने का वक्त है, तो आप से खाना पूछेंगे, पूरी महमान नवाजी, पूरी खातरदारी करेंगे वो लोग, और आप इंकार करेंगे, तो वो हो सकता है, कि वो थोड़ा सा नार बढ़ता है, वो सामने से नहीं बढ़ाना चाहते हैं, वो अलग मुद्धा है, अगर वो चीज हो जाती है और आपको लगता है कि इस रिलेशन से मुझे आगे मेरी नियूज करने में फायदा होगा, तो आप उसको आगे कंटिन्यू करते हैं, नहीं तो नहीं करते हैं.
1:02:44कितने लोग होते हैं अब नीचे से लेके उपर आप जब अरुन का वली तक मिले पांच छेद देगे ताप पी चेकिंग वही इत अट टाइम राज मेरा ख्याल है कि उनके यहां पर उस जमाने में जब अंडर वर्ल्ड पीक पर था 90s तक कह लीजिए या 2002 या 5 तक तक तक जो होते थे लेकिन ऊपर हसला नहीं रखा जाता था सब अंदर होते थे हतियार अंदर होते थे सामने लेकर कि कोई जैसा फिल्मों में दिखाते हैं कि ऐसा वड़े बंदों क्या है पिस्टाली यह वो ले कर इसा कुछ नहीं होता है अंडर वर्ल्ड अंडर वर्ल की तरह से ऑपर world کیा होता है, वो तो कभी गय इनहीं ना, किसी डाउन से मिलने हैं और जब किसी को बुलाया है उनसे मिले हैं तो वो तो अपना भबाकाल बनांके मिलते हैं तो उनको तो लगता है यह सच है, और यह सच्चाई हमसे पूछिये हम बताएंगे आपको, वो सच नहीं है जो दिखता है और वो सारा सच नहीं है जो दिखता है कुछ ही सच होता उसमatif आप बात करेंगों, ड्रैडड लोगों की आपसे बात करते -करते पहले इससे क्यों हम रिसरफ करें ते हमने फिरोस कौंकर्नी के बारे मी बता चला तो फिर वस कॉंकरनी को किलिंग मशीन क्यों मिला जा था मैं जब उससे मिला था मूंबई पुलिस की लॉक अप में क्राइम राज की उसको बैंगलोर्ड से अरेस्ट करके लाय थे उसके बाद में एक इंटर्वियू करने का मुझे मौका मिल गया था तो मैंने उससे पूछा था कि इनको मार करके तुम्हें लोगों को क्या मिलता है बोले भाई मैं नहीं मारेगा तो कोई और मारेगा ۔ مرنے ہیں کہا اگر آپ ڈنائی کر دو گے تو جب مرنے گا بولے بھائی یہ دھندہ ہے اس میں انکار نہیں کر سکتے منع نہیں کر سکتے اگر میں منع کروں گا تو پہلے میں مروں گا اور دوسرا چیز اگر یہ کام نہیں کرے گا تو میں کھائے گا کیا مجھے تو یہی کرنا آتا ہے میں نے کہا ارے کوئی بکرا ہے مرگا تھوڑی ہے کی تو انہیں مار دیا اور کھا لیا اس کو انسان کا بچہ ہے اور اس کی بھی کوئی بولے وہ لوگ سمجھیں گے مجھ کو تو بھائی سے آرڈر آیا مجھ کو پیسہ ملے گا میں کام کروں گا یہی میرا جوب ہے یہ میرا کام ہے مجھے بڑا اچرج ہوتا تھا کہ مطلب یہ آدمی ایسا کیسے ہو سکتا ہے لیکن باتچیت کرتے کرتے کرتے میں مجھے ایک ایسی چیز نکل کر کے آئی جس نے کی مطلب میرے ہوش فاقتہ کر دیا اس نے بولا کہ جب میں کسی کو مارتا ہوں تو مجھے ایسا لگتا ہے میں کسی عورت کے ساتھ سویا ہے سیکس کیایا میں ہاں اور تب مجھے فارنسک سائکولوجی کی اس ٹرم کے بارے میں کھٹاک سے یاد آیا کہ the person who kills someone for a sexual pleasure is called psychosex killer and he is a psychosex killer who is just sitting next to me اور میری تو خوشی کا اٹھکانہ نہیں رہا میں نے کہا چلو بھائی کل کی تو لیڈ مل گئی اس بڑیا پر وہ care DCP crime جو تھے انہوں نے مجھے کہا کہ نئی ویویک یہ چیز مت چھابنا ورنہ یہ خود کو سائیکولوجیکل ڈیسورڈر کا شکار بتا کر کے اور جیل سے اسالم چلا جائے گا اور پھر وہاں سے کسی دو چار چھے کو مار مور کر کے بھاگ جائے گا پھر اس کو پکڑنا مشکل ہو جائے گا تو سماج کی بہتری کے لیے اور قانون ویوستہ جو ہے اس کا سمان کرتے ہوئے ہم نے وہ خبر روک لی تھی تو وہ جس طریقے سے کام کرتا تھا اور میں نے ان سے آفیسر یہ کہا تھا کہ یہ اسالم میں جائے نہ جائے تھوڑے دن میں یہ آپ کے دو چار چھے مار کر کے یوں بھی بھاگنے والا ہے اور ہوا بھی ویسا ہی وہ ایک دن اس کے نام سے بہانے سے بیمار ہونے کے آرتر روڈ جیل سے جو ہے وہاں پہنچا جے جے اسپتال اور اس کی پوری پلاننگ کی ہوئی تھی ایک بائیکر آیا اس کو لینے کے لیے اس نے پسٹل سے دونوں جو اس کے ساتھ اسکورٹس تھے گارڈ ان کو گولی ماری بائیکر کے ساتھ بیٹھ کر کے بھاگ نکلا اس کے بعد سے اس کا کوئی پتہ نہیں چلا اور اس کے بعد میں آخری خبر جو ہے چارپاہ سال پہلے ہمارے پاس یہ آئی تھی کہ اس کو داؤد نے کراچی بلا لیا اور پھر بعد میں وہیں پہ اس کا پوٹلا ہو گیا یعنی کہ اس کا مرڈر ہو گیا آج یہ سب اتنا آسان نہیں ہے آسان تو آج بھی ہے کیا کہ دو لوگ بائیک پہ آئیں گے پولیس کو مار دیں گے نکل جائیں گے اور بچ جائیں گے کہاں نہیں ہوتا یہ سب ہر جگہ ہوتا ہے پولیس کو سوڑی مار سکتا ہے سب کو سب مارتے ہیں بھائی پولیس پولیس والے میں آپ کو ایک چیز بتاتا ہوں یہ دنیا کا اصول ہے پورے ورلڈ میں یہ چیز چلتا ہے کہ جب پہلی گولی چلتی ہے نا اور جس کی طرف چلتی ہے وہ اور اس کے سارے لوگوں کی پھٹ کے گلے میں آ جاتی ہے مطلب ہوا گل ہو جاتی ہے ان کی کہ اگر سامنے سے میری طرف گولی آئے تو ہم سب ہاں اور وہ سب پہلے بھاگتے ہیں پولیس والوں کو ہتھیار چھوڑ کے بھاگتے ہوئے دیکھا ہے میں نے ایسا ہمت بولیے چھبیس گیارہ میں ہمارا ایک بڑا ہی بہترین انسپیکٹر جی آر پی کا وہ پولیس والوں کی مرکتہ کے قرآن ہی مارا گیا وہ تب تک آف ڈیوٹی ہو چکا تھا لیکن جب کساب اور اس کا ساتھی جو ہے ویٹی پہ اٹیک کر رہے تھے اس کو جب یہ سمجھ میں آیا تو دو کانسٹیبلز کو اس نے کہا کہ تم لوگ یہاں کھڑے ہو کر کہ اپنی رائیفل سے اس کی طرف گولی چلاتے رہنا شندے نے اور یہ لوگ گولیاں چلانا چھوڑ کر پٹھے رائیفلیں لے لے لے لے بھاگ نکلے اور یہ جب تک اپنی پسٹل کوٹ سے لے کر کے آیا تب تک یہ لوگ اس جگہ پہ آ گئے تھے جہاں سے اس کو ان پہ اٹیک کرنا تھا اور انہوں نے اس کو چھت دیا حملہ کر دیا تو مطلب کتنے ہی ایسے قصے ہیں جو پہلی گولی چلاتا ہے عمومن جیتتا بھائی ہے بہت کم ایسے لوگ ہوتے ہیں جن کو وہ training ہوتی ہے اور اس training کی قرارن وہ لوگ ان کو مار گراتے ہیں criminals کو جیسے SF ہاں مطلب ہماری جیسے F1 ہے force 1 ہے ان کے officers کو اچھی training دی جارہی ہے ہمارے SF special forces سب کو special forces تو special forces ہے نا بھائی they are band of killers ان کو تو trained کیا ہے نا کیونکہ ان کو تو دشمنوں کو مارنا ہے اور کسی بھی استطیق میں مارنا ہے وہ تو مطلب وہ لوگ ہیں جن کو کی میں پرتوی کے اوپر خدا کہہ دوں تو کم ہے پانچ پانچ دنوں تک ایک ہی جگہ پہ کھڑے رہ کر کے اپنی سنائپر سے ٹک ٹکی لگا کر کے دیکھتے رہنا وہیں پہ کھانا وہیں پہ اپنے نیچرل کالس کلیر کرنا اور وہ سب وہ پورا کرتے ہیں وہ لوگ اور اس کے بعد میں وہ لوگ وہ ایکٹیوٹی کرتے ہیں جس کے لیے انہیں بھیجا ہے اور جب تک کام پورا نہیں تب تک ہلنا نہیں یہ ان کا مولو منتر ہوتا ہے تو وہ جو کام ہے وہ الگ ہے آپ ایس ایف کو اور انڈر ورلڈ کے یا پولیس والوں کو ان سے کمپیر کر ہی نہیں سکتے میں کمپیر میں اتا رہا ہوں کہ وہ لوگ ہوتے ہیں جہاں پہ ان کو کوئی گولی گولی سے فرق نہیں ماتے آرمی کے لوگوں کو بھی نہیں پڑتا اسی کی بھی گولی چلے یہ تو فوڑ کے آئیں گے ہی آئیں گے ہاں کیونکہ آرمی کے بندے کو اتنی ٹریننگ ملتی ہے وہ ڈیلی ٹریننگ میں ہوتا ہے وہ ڈیلی مطلب جو ہے یا ہفتے میں ان لوگوں کی اپنی پریکٹس ہوتی ہے شوٹنگ پریکٹس چلتی ہیں مجھے معلوم ہے نا کہ وہ شوٹنگ پریکٹس کیسے ہوتی ہیں ایک وقت رہا ہے میں نے بھی ایک ایک دن کے اندر پورا پورا ایک باکس جو ہے وہ سیون پائنٹ سکس ٹو ایس ال آر سے میں نے فائرنگ کی ہوئی ہے ایک دن میں ایک باکس جس میں سات بینڈولیر ہوتے ہیں آپ سوچ سکتے ہیں کہ ہمارے شولڈر جو ہے یہاں سے پھٹ جاتے تھے تو اس خون آ جاتا تھا پہلے یا دوسرے دن ہی تو ہم پیڈنگ کر کی اور پیکٹس کرتے تھے تو مجھے پتا ہے کہ ان لوگوں کی ٹریننگ کتنی سکت اور کتنی بہترین ہوتی ہے ہتھیار اور آدمی دونوں دو جسم ایک جان ہو جاتے ہیں پھر وہاں تو وہ آدمی آگے بڑھ کر کے گولی مارنے کا مادہ رکھتا ہے آ کے سامنے پتھر پہ گولی لگی ہے لیکن کھڑا ہو کر سالہ پھر بھی ٹھوکے گا وہ ہوتا ہے جوان وہ ہوتا ہے سی ایف آفیسر ان لوگوں کو تو بیچاروں کو سال میں یا دو سال میں ایک بار پانچ راؤنڈ چلواتے ہیں کیا مطلب یہ پولیس والا بیچارہ ہتھیار چلائے گا مشکل یہ ہے نا تو پولیس واسس مافیا میں پولیس کہیں سٹینڈ نہیں کرتی جتنا کیا ہے جو کیا ہے وہ جو بیچ آف ایٹی تھری جو کہا جاتا ہے اور جس نے مطلب یہ کلنگز کی ہیں یہ سب وہ سب ہیں وہ ساری کی ساری تو فیک انکاؤنٹرز تھے مشکل سے اس میں چار یا چھے ایسا انکاؤنٹر ہیں جن کو میں اوریجنال انکاؤنٹر گن پاتا ہوں باقی تو سب فیک رہے ہیں فیک مطلب پکڑ کے لائے اور مارا کتنے کیس ہیں کتنے کیس اس کے اوپر غلط لوگ کو تو نہیں مارا بھئی صحیح کو مارا لیکن ہے تو فیک ہی نا بہت دوری تو نہیں ہے نا اس میں
1:12:03پکڑ کے لے کیاuveر سٹریٹیجی سے پکڑ کے مارا کریں بندہ بے آدمی کو مارنا بہدر ہی نہیں ہے جو غلط آدمی ہے جو غلط کام کر رہا ہے جو لاکھوں لوگوں کو برباد کر رہا ہے اس کو مارنا کیوں نہیں ہے وہ بہدر ہی نہیں ہے وہ کام ہے کام کیا نا دیکھئے میں آپ کو بتائیں ردولہ لاد نام کی ایک انسپیکٹر تھی سب انسپیکٹر انہوں نے ایک انکونٹر کیا تھا وہ ریال تائم تھا وہ بہت دوری تھی سڑک پہ دول کر کے اس کا پیچھا کر کے گولی ماری بٹ اگر آپ سمارٹنیس سے پکڑ کے مار سکتے تو کیوں وہ سمارٹنیس نہیں ہے بھائی جوش میں ہوش کیوں کھونا جب سمارٹنیس سے آپ عزت سے ماری کر سکتے ہیں وہ سمارٹنیس نہیں ہے راج میری بات سمجھنے کی کوشش کیجئے وہ یا تو گینگسٹرز کے لیے آپ کام کر رہے ہو سپاری لے کر کے دوسرے گینگ کے لوگوں کو مار رہے ہو جو allegations ہمیشہ سے لگتے آئے ہیں ہمارے fake encounter کرنے والے encounter specialist کے اوپر یا پھر آپ نے اپنی ہی سنک کے لیے کیا ہے کہ مجھے number بڑھانے ہیں آپ بھی ایک psycho killer سے کم نہیں ہوں آپ system کا درپیو کر رہے ہو صرف میں اس کو بہدوری نہیں مانتا میں بہدوری تم مانتا جب آپ ان کا پیچھا کر کے جس طریقے سے اس کو مارا تھا آپ کے منہ شکلا کو سٹی ایف نے وہ بہت دوری تھی سامنے گاڑی میں ہیں اس کے پاس میں ایکے ففٹی سیم سکس جو ہے وہ بھری ہوئی ہے اس کے پاس میں اور بھی اسلاہ ہیں اس کو گاڑی میں دوڑا کر کے ان لوگوں نے گھیر کر کے مارا یو پی سٹی ایف نے یو پی سٹی ایف فارم ہی اس کو مارنے کے لئے کی گئی تھی ان کی کہانی ان کا قصہ آپ پڑھیں گے سنیں گے تو آپ بولیں گے کہ اس کو بہت دری کہتے ہیں اور جو ان لوگوں نے پین لیا اس کو کھوجنے کے لیے تب تو موبائل بالکل نینے آئے تھے پورے اتر پردیش میں گن چن کر کہ ایک دو سٹیز کے اندر موبائل نیٹورک ملتے تھے اور وہ موبائل یوز کرتا تھا اس کو لگتا تھا کہ مجھے ٹریک نہیں کر سکتے ان کو پتا چل گیا تھا کہ موبائل کے ذریعے ہم ٹریک کر سکتے ہیں اور اس کا پیچھا کرتے تھے یہ اور جس جگہ جاتا تھا وہاں پہنچ جاتے تھے اس کو بہت بعد میں سمجھ میں آیا کہ موبائل سے مجھے پیشا کیا جا رہا ہے اب آپ کی ریسرچ میں ایک اور چیز کے بارے میں بات کرتے ہو ہائیوے مافیا کیا ہوتا ہے ہائیوے مافیا میں پہلی بار سنایا یہ ورڈ لوگوں کو پتا ہی نہیں ہے ہائیوے مافیا کیا ہوتا ہے ہم ہائیوے پر روزانہ ٹریول کرتے ہیں ہم کبھی کسی کرائی میں نہیں فنستے لیکن ہاں کچھ علاقے ہیں جہاں پہ لوگ ہائیوے کرائیمز میں پھنستے ہیں جیسے اتر پردیش میں ایک پٹیکلر علاقہ ہے وہاں پر ایکسل گینگ کام کرتا ہے کونسا علاقہ ہے میں ابھی ٹھیک سے یاد نہیں کر پا رہا ہوں میں یاد آئے گا تو بیچ میں بتاتا ہوں تو وہ ایک یا دو پٹیکلر ہائیوے ہیں انہی کے اوپر وہ لوگ آپریٹ کرتے ہیں ان کی مدلس آپٹینڈی یہ ہے کہ وہ رات کے سمجھے میں کسی ایسی جگہ پہ پیڑوں کے پیچھے یا چھوٹے ٹی لیویلے ہوتے ہیں ان کے پیچھے چھپ کے کھڑے رہتے ہیں اور جیسے ہی تیز رفتار کار آتی ہے اس کے اوپر کاروں کے جو ایکسل ہوتے ہیں وہ پھنک کر کے ونڈ شیل پہ مارتے ہیں فرنٹ ونڈ شیل پہ کیا مارتے ہیں ایکسل ایکسل کیا ہوتا ہے ایکسل ایک پرجہ ہوتا ہے لوہے کا پانہ جیسا پانہ نہیں ہوتا ہے وہ آپ کی موٹر اور اس کے بیچ میں رہتا ہے اور وہ آپ کی اس کو موو کرنے کا کام کرتا ہے that is called axle اس میں داتے بنے ہوئے ہوتے ہیں اور بہت وجنی ہوتا ہے اور وہ اس کا سب سے مجبوط پارٹ ہوتا ہے اور سب سے وجندار پارٹ ہوتا ہے حالانکہ وہ سائز میں چھوٹے بڑے ہوتے ہیں تو وہ قریب اتنا بڑا axle اس کا ہوتا ہے ایسا ایک دیڑھ فٹ کا یہ ایسا دیکھاؤ ہاں اس طرقے سے ہوتا ہے یہ car axle یہ ہے اب یہ جو کار ایکسل ہے اگر آپ پھینک کر کے ماریں گے کسی پہ تو وہ ونشیلڈ کو تراند چکنا چرو کر دے گا اور اگر شٹر پروف ہے تو پوری شٹر ہو کر کے اور کار کے باہر دکھنا بند ہو جائے گا تو آپ کو کار مجبوری میں روک نہیں پڑتی یہ پورا کا پورا گینگ اسی سمائے چارج کرتا ہے سارے لوگوں کو اپنے کنٹرول میں کرتا ہے ان کے سارے پیسے جیور یہ وہ سب موبائل فون یہ سب لوٹ لیتا ہے اس کے گینگ کے لوگ اتنے بروٹل بھی ہیں کہ کئی بار انہوں نے سارے کے سارے پریوار کو مرڈر بھی کیا ہے کئی بار یہ ہوا ہے کہ چھوٹی بچی سات آٹھ سال کی اس کو پریوار کے سامنے انہوں نے ریپ بھی کیا ہے یہ تو لیکن ہائیوے رابری کا ایک چھوٹا سا ادھارن ہے لیکن یہ گینگ جو ہے اس کو میں پورا مافیا نہیں بولوں گا ہائیوے مافیا میں تین گینگ ہیں ایک ہے کبوتر گینگ جو جھابوہ علی راژپور اور اس کے آس پاس کے آدھی واسیوں کا ہے کیونکہ وہ قبوتر گانگ اس لئے کہا جاتا ہے کیونکہ وہ لوگ ایک دوسرے سے کرنے کے لئے قبوتر جس طریقے سے گھٹرگوں کرتا ہے ویسے وہ بولتے ہیں اور ایک دوسرے سے کرتے ہیں قبوتر کی بولی میں اس کی آواز میں اس لئے ان کو قبوتر گانگ بولتے ہیں دوسرا ایک گانگ ہے جو کی ایک پٹیکلر کمیونٹی کا ہے جو دیواز منصور اور اس کے آس پاس کے علاقوں میں پائی جاتی ہے اور وہ کمیونٹی جو ہے وہ بڑی traded کمیونٹی ہے اور وہ road robberies کر رہے ہیں میں master ہے کیا نام انگرہ نام آپ use نہ کریں تو اچھا ہوگا کیونکہ وہ denotified group ہے اور اس کا استعمال کرنے سے ہو سکتا ہے کی وہ content of court یا اس کا سلسلہ بن جائے اس لیے آپ اس کا نام استعمال نہ کر رہے دیواز اور اس کے آس پاس کی کمیونٹی ہے یہ جانبوچ کر کے جہاں پہ آپ کو آگے problem آ سکتی ہے وہ نام نہیں لے رہا ہوں تو وہ ایک community ہے اور تیسری ایک گینگ ہے that is called سردار گینگ یہ پنجاب کے سکھوں کی گینگ ہے اور یہ خالستان کا جو ببر خالصہ اور کلیف ہے خالستان liberation force اس کے terrorist کی گینگ ہے یہ اس کا کام ہے highways کے اوپر یہ تینوں ہی گینگ جو ہیں یہ ایک ہی modus operandi میں کام کرتی ہیں highway پہ چلنے والے جو high value high net worth ٹرکس ہوتے ہیں ٹینکرس ہوتے ہیں ان کو لوٹتے ہیں یہ لوگ ان کا جو مال ہے یہ مارکٹ میں تیس سے لے کے پچاس فیسے دی کم قیمت کے اوپر بیچ دیتے ہیں ریسیورز کو ریسیورز ان کو ہینڈ کیش دیتے ہیں اور اس کے بعد ریسیورز وہ جو مال ہے وہ آگے پانچ دس پرسنٹ بیس پرسنٹ کے پروفٹ پر بیچ دیتے ہیں اور پھر وہ اس طریقے سے کام ان لوگوں کا چلتا ہے اور اور پہلے تو یہ لوگ صرف ٹرک میں سے مال لوٹ کر کے بیجتے تھے آج کل یہ لوگ پورا کا پورا ٹرک بھی بیج دیتے ہیں مال الگ کو بیجتے ہیں ٹرک کسی اور کو بیج دیتے ہیں ٹرک ڈسمنٹل ہو کر کے اس کا پرجا پرجا پھر جو ہے وہ بک جاتا ہے تو آپ کا تیس لاکھ پچاس لاکھ بیس لاکھ بائیس لاکھ کا جو ٹرک ہوتا ہے وہ دس بارہ پندرہ لاکھ روپے اس کی بھی قیمت وصول ہو جاتی ہے تو وہ بھی ہوتا ہے یہ جو ہے قریب قریب 90 ہجار کروڑ کے آسفاس 80 نبی ہجار کروڑ روپے سال کا ترنوور اس ہائیوے مافیا کا ہے یہ تین گینکز کا ملا کر کے اتنا بڑا ان لوگوں کا کام ہے اب آپ بولیں گے کہ اتنا پیسہ کہاں سے آئے گا کیوں آئے گا آئی ٹی سی کی جو سگریٹس کا ایک ٹرک ہوتا ہے اس کی ویلیو قریب قریب 8.5 کروڑ سے لے کر کے 25 کروڑ روپے تک کی ہوتی ہے ایک ٹرک لوٹ لینے کے بعد میں پچیس کروڑ کا ٹرک جو ہے اس کی مارکٹ ویلیو پچیس کروڑ ہے اور جیسے ہی وہ مارکٹ میں پہنچتا ہے پچیس کروڑ کے سامنے بارہ پندرہ کروڑ روپے ان کو مل جاتے ہیں کیش ڈببہ جو ہوتا ہے یعنی ریسیور وہ اس کو اوپر اپنے ایک دو کروڑ روپے رکھ کر کے اور تھوک والوں کو دے دیتا ہے تھوک والے اس کے اوپر دس پانچ پرسنٹ کا فائدہ لے کر کے ریٹیلرز کو دے دیتے ہیں اور یہ پورا کام ایک ہفتے میں پانچ دن تین دن میں ہو جاتا ہے تو یہ جو سگرٹ نکلی ہے یہ سگرٹ چھوٹے چھوٹے پان کی دکانوں پہ بک جاتی ہے موبائل فون آپ کا one of the best quality جو فونس ہیں وہ سے لے کر کے اور چھوٹی لیول تک کے فون جو ہیں وہ آج سستے سستہ فون دو ہجار کا ہے آٹھ سو ہجار روپے کا ہے اور مہنگے فون جو ہیں دو ڈھائی لاکھ روپے تک کے ہیں اگر ایک ٹرک آئی فون کا ٹونٹی فیٹ کنٹینر لوٹا جاتا ہے تو وہ قریب قریب 20 سے 25 کروڑ کا ہوتا ہے اور مارکٹے مو وہ تورنٹ بکتا ہے ایسے ٹرکس لوٹے جاتے ہیں ڈائی لوٹی جاتی ہے پیٹرولیم پردکٹس لوٹے جاتے ہیں میڈیسن جو ہوتی ہے فارماسیٹکل یوز کے لیے جو دس پانچ ہزار روپے کلو سے لے کر کے پانچ دس لاکھ روپے کلو تک ہوتی ہے وہ لوٹی جاتی ہے اور مارکٹ میں بیچی جاتی ہے یہ سارا کام جو ہے یہ تینوں گینگ مل کے کرتے ہیں الگ الگ اپنے اپنے ایریاز میں اور یہ ان میں سے جو یہ خالستان گینگ جو جس کی میں بات کر رہا ہوں جس کے اوپر ہم نے پوری پوری یہ کتاب لکھی ہوئی ہے ہائی وی مافیا کے نام سے ہی اس کتاب میں ہم نے پورا یہ گینگ کے موڈس آوپرین ڈی ان کے کام کرنے کے طریقے ان کے پاسٹ جو آپریشنس ہیں وہ اور ان کے فوٹوگرافز تک ہم نے چھاپے ہیں میرے پاس میں قریب قریب اس گینگز کے ساڑھے چار سو سے زیادہ فوٹوگرافز ہیں جو کہ میں نے سترہ اٹھارہ سال کے ہاں ریسرچ میں کلیکٹ کیا ہے اس میں سے ہم نے کچھ ہی چھاپے ہیں تو یہ پوری کتاب جو ہے ایک طرح سے ایک بائیبل اور ایک گیتہ ہے ہمارے ایجنسیز کے لیے اگر وہ کتاب ہر ڈیسک پہ موجود ہو ہر تھانے کی تو ان کو پتا رہے گا کہ ہاں بھئی یہ کانڈ ایسے ہوتا ہے یہ لوگ اس میں انوالو ہیں اچھا یہ چہرے اس میں انوالو ہیں تو ان لوگوں کو ہم نے ایکسپوز کیا اس کتاب کے ذریعے اور میں نے پوری کی پوری یہ جو انویسٹگیشن کی ہے ایک بہت ہی اچھے انویسٹگیٹر ہیں راکشدانی ان کے ساتھ مل کے کی ہے وہ میرے اس کتاب میں کو آتھر ہیں کو رائٹر ہیں تو یہ جو ہائیوے مافیا ہے انہوں نے بہت سارے ہمارے جو ڈرائیور اور کلینرز ہیں ان لوگوں کے مرڈر بھی کیا ہیں کئی بار ڈرائیور کلینرز کو یہ لوگ لے جا کر کے سیدھے جنگل میں یا کہیں پہ اتارتے نہیں ہیں بلکہ ان کا مرڈر کر کے اور ان کو پھینک دیتے ہیں ڈیڈ باڈیز ان کے سارے کپڑے وپڑے یہ وہ سب سٹرپ کر لیتے ہیں نکال لیتے ہیں ان کے جوتے چپل ہر چیز اور اگر کوئی سکھ ہے تو اس کی پگڑی وگڑی بھی اتار لیتے ہیں اور ان کو جنگل میں ایسی جگہ لے جا کے پھینکتے ہیں کہ ان کی dead body بھی نہ ملے یا پہاڑوں سے نیچے ترائی میں پھینک دیتے ہیں ایسا بہت ہوا ہے تو جب اگر آپ کو یہ پتا ہے اور یہ اتنا بڑا فیکٹ ہے تو پولیس کیوں نہیں پکڑ لیتی پولیس کوشش کرتی ہے پکڑنے کی لیکن یہ لوگ بہت تیجی سے اپنی جگہ بدلتے ہیں علاقے بدلتے ہیں اب ممبئی میں اگر ایٹی سی ایسی کم نہیں ہے آئی فون جیسی کم ایپل جیسی کم نہیں ہے ان کی چیز اگر چڑھائی جاری ان کے ٹرکس بیس بیس پچیس کروڑ کے چڑھائی جارہے ہیں تو یہ تو رات اور رات سسٹم ملا دیں گی نہیں ملا دیں گی کیوں اس کا کاراں یہ ہے reputation damage not reputation ان کا consignment تو یہ ہے کیا بولتے ہیں insured ہے ان کا ایک آدمی جاتا ہے پولیس تھانے میں سر میرا مال چوری ہو گیا یہ پکڑ یہ پانچ جار روپے میری شکایت لگ دیجئے ایف آئی آر بنا دیجئے ایف آئی آر کی کوپی لیتے ہیں لے کر کے جاتے ہیں انشورنس کلیم کرتے ہیں اپنے گھر جاتے ہیں بچارہ ایک آدمی دو آدمی جان سے گیا ان کو پروہ نہیں ان نے تو اپنا کلیم شٹل کر لیا ایجنسیاں بھی آرام سے کلیم دے دیتی ہیں بہت کم ایسی ایجنسیز ہیں جو کی ان کے پیچھے لگتی ہیں بہت کم لوگ ہیں جو ایجنسیز یہ ان کے پیچھے لگتے ہیں تو انشورنس کم نہیں ہے 35 کروڑ روپے ہر تھوڑے دن میں دینا پڑھ رہا ہے ان کو فرق نہیں پڑتا نا سال کا اگر 50 ,000 کروڑ کا بزنس مل رہا ہے اور اس سے اگر ان کو 1000 کروڑ روپے دینا پڑا تو 49 ,000 کروڑ کی پروفٹ ہوئی سارا جو آپ کا کھیل ہے یہ انشورنس کا وہ یہی ہے تو وہ ایک ہزار کروڑوں بانٹتے ہیں آرام سے پر کسی کو کوئی مطلب نہیں ہے کسی کو مطلب نہیں ہے پولیس والے کو بھی نہیں ہے کسی کو نہیں ہے بہت ہی کم ایسے لوگ ہوتے ہیں ایک روڈ ویج کمپنی کا مالک تھا اس کا ایک ٹرک چوری ہو گیا تھا اس نے بولا کہ جتنے کا مال چوری گیا ہے اور جتنے کی میری تکلیف ہوئی ہے وہ سب ایک طرف رہ گئی اس کو پکڑواو میری عجت کا سوال ہے اس نے پانی کی طرف پیسہ بہایا اور ان لوگوں کو پکڑوایا اور ان کو پروسیکیوٹ کروایا ایسے لوگ برلے ہوتے ہیں بہت کم ہوتے ہیں ہم نے اس کی کہانی بھی داستان بھی چھاپی ہے بڑھ وہ ایک ایسا تیسے ہزاروں لوگ لگیں گے ہر آدمی کرے گا تو پھر وہ کرائیم ہی نہیں ہوگا نا پھر تو پولیس کے پیچھے پڑے انہوں نے پرائیویٹ ڈیٹیکٹیو کو ہائر کیا ان کے ذریعے وہ پیچھے پڑ کر کے اور انہوں نے کام کیا وہ
1:24:38دوسری کی بات نہیں کروں گا راکشدانی نے وہ چیز کرک کر کے دی
1:24:46پولس کو کوئی فرق نہیں پڑھ رہا ان کو کیا فرق پڑھتا ہے سامنے والا آدمی تو آ کے پریس نہیں کر رہا ہے آپ کو پریشر نہیں کر رہا ہے میرا یہ کنسائنمنٹ آپ برامت کروا کے دو اس کو تو ایف آئی ایر سے مطلب تھا لیا دیا گیا کمپنی کو فرق نہیں پڑھ رہا تو پھر کس کو فرق پڑھ رہا ہے جو لوگوں کی جان داری ہے دو تین لوگوں کی ہر بار ہر ٹرک کے ساتھ وہ گریب پریوار ہے ٹھیک ہے وہ گئے تھانے کہ صاحب ہمارا آدمی نہیں مل رہا ہے جاؤ پتا کرو کسی عورت کے ساتھ بھاگ گیا ہوگا جاؤ پتا کرو کہیں ایکسیڈنٹ میں مر گیا ہوگا وہ بول کر ہماری تو جو پولیس ہے وہ انسیٹیو پولیس ہے نا پرابلم یہ ہے انسان کے جان کی قیمت نہیں ہے انسان کے پیسوں کی ان کے لیے قیمت نہیں ہے ایک آدمی جب دو لاکھ پانچ لاکھ دس لاکھ روپے دے کر کے اور پولیس ڈپارٹمنٹ میں نوکری کرنے آئے گا تو وہ اپنی سیڈ منی سے پروفٹ کمانے آتا ہے جنتہ کی سیوہ کرنے تھوڑی آتا ہے تو یہاں پہ کون ان کی سدھ لے گا کتنے کیس وہ ہوں گے بہت ریئرلی لوگ آتے ہیں ایک نبی مومبائی پولیس کے انسپیکٹر سے پاتل انہوں نے ناکو چنے چبوا دیا ان لوگوں کو حالت ایسی کر دی دو گینکس کے اوپر انہوں نے اس کے بعد سے مہاراشت کا یہ والا جو پورشنر رائے گرد تک کا اس میں ان لوگوں نے آنا ہی بند کر دیا اور آج تک نہیں آ رہے ہیں خوف دس پندرہ سال ہو گئے آتے ہی نہیں ڈر کے مارے کہ سالہ مطلب وہ نظیر بن گئی ہے اب تو اپنے کو مکوکہ میں آپ کو دو پانچ سال تو جمانت نہیں ملتی لگ گئی باتی ہو گیا پٹیا اولال اب کرتے رو مجیر ہو جاتے رو جل میں بیٹھ کے انڈرورڈ کس سے ڈر تھا سب سے کھنکار پولیس آفیسر کون تھا جس نے سب کو ڈرہ رہا تھا یار اس میں کوئی نہیں کھنکار کھنکار تھا ہاں اپنے وقت میں جیسے یہ تھے کیا نامے ان کا وائسی پوار وہ کھنکار تھے کیا تھا ان میں سر وائسی پوار تو مطلب ایک دم he was a bulldog ان کو یہ لے کر کے آئے تھے کیا نامے اپنے جو اس وقت کمیشنر تھے تو انہوں نے کہا تھا جولیس ایف ریبرو انہوں نے کہا تھا کہ مجھے یہ انڈرورل یہ گینگسٹر نہیں چاہیے اپنے ایریا میں ممبئی میں تو انہوں نے ریسرچ کیا اس چیز کے بارے میں کہ یہ کرائم کیسے پناپتا ہے ان کو سمجھ میں آیا کہ اچھا کچھی دارو جو ہے یہ ان کی فننشل بیک بون ہے انہوں نے کچھی دارو کو ختم کرنا شروع کیا ہے پھر اس کے بعد میں انہوں نے ان لوگوں کے اوپر آبو کیا انہوں نے رات میں سوتے ہوئے ورد راجن مدلیار کو ارسٹ کروا کر کے بنیان میں اور لنگی میں پورے راستے میں پریڈ کرواتے ہوئے تھانے لے کر کے گئے اور اس چیز سے وہ اتنا آہت ہوا کہ وہ چھوڑ کر کے فلائی کر کے سیدھا مدراز گیا مرنے دم تک وہی رہا اس کے بعد میں وہ آدمی جب مر گیا تو اس کی لاسٹ وش تھی کہ میری جو انتیم یاترہ ہو وہ ممبئی کی سڑکوں پہ نکلے اور میں یہاں پہ جلایا جاؤں انتیم سنسکار ہو وہ پورا کرنے کے لیے حاجی مستان جو ہے ائر انڈیا کی اس چارٹڈ فلائٹ لے کر مدراز گیا وہاں سے اس کا شو اس میں لے کر کے آیا اور اس کے بعد میں اس نے یہاں پر اس کا انتیم سنسکار کیا وہ اتنی بڑی بیزتی وہ کبھی جیون میں بھول نہیں پایا جھیل پایا اور وہ چلا گیا وہاں سے وہ خوف تھا بعد کے تو یہ لوگ سب ان کو تو میں خوف والا کوئی مانتا نہیں کسی کو بھی دو چار چھے افسر اس جمعانے میں جو ہوئے ہیں کہ ان کا خوف تھا کیا نامیں عساق باغوان کا بھی کچھ حد تک خوف رہا ہے پھر ان سے بھی راکش ماریا سے بھی کافی ڈرا کرتے تھے لوگ لیکن یہ سب جو یہ انکاؤنٹر کلاس ہے میں اس کو تو خوف پیدا کرنے مالا کسی کو نہیں مانتا ہے آج آپ کو کیا لگتا ہے انڈیا کی سب سے بڑی جو سٹوری ہے وہ کیا ہے جس کے اوپر لوگ دھیان نہیں دے ان ٹرمز آف آرگنائز کرائیم تو جو سب سے بڑا کرائیم ہے وہ تو یہ ہے کی آپ کے دیش کا جو پیسہ ہے وہ کس طریقے سے چوسا جا رہا ہے تھرہو سائیبر کرائیم بہت بڑے پیمانے پر سم کنٹریز سٹیٹ ایکٹرز جو ہیں وہ آپریٹیو ہیں جیسے ایکزامپل اب ایکزامپل کیلئے میں بتاتا ہوں آپ کو کوسماس بینک سائیبر ہائیسٹ بہت بڑا کانڈ ہے وہ سمویر آراؤنڈ ہینڈر کروز پلس پیسہ جو ہے تین دن کے وقفے میں بینک سے سائفن آف ہو گیا ہمارے بھائی لوگ سوتے ہی رہے ان کو پتا ہی نہیں چلا اور جب یہ چیز پتا چلی تب تک وہ پیسہ نورت کوریا کے جو اسٹیٹ ایکٹرز تھے ان لوگوں نے ادھر ادھر گھما کر کے اور وہ کھا گئے بعد میں ہم ایکٹیو ہوئے اس میں سے کچھ چالیس پچاس کروڑ روپے ہم ریکاوری کر پائے باقی نہیں کر پائے فریز کر پائے ایسا بہت ساری چیزیں چل رہی ہیں دوسری جو ہے ہمارے دیش کے ہی لوگوں کو بچوں کو بہلا فصلہ کر کے اور کمبوڈیا بینککوک تھائیلینڈ ایسے تین چار ویتنام مگرہ دیش ہیں وہاں پہ لے جایا جا رہا ہے اور وہاں پر ان کو رکھ کر کے ان کو سائیبر سلیو بنا کر کے اور ان سے ہمارے ہی دیش کے لوگوں سے تھگی کروائی جا رہی ہے وہاں پہ بڑے بڑی فیسلیٹیز بن گئی ہیں کال سینٹرز بنے ہوئے ہیں جس میں ان لڑکوں کو رکھا جاتا ہے وہاں پہ ان سے بلکل سلیوز جیسا گلاموں جیسا برطا ہوتا ہے اور وہ لوگ ہمارے یہاں کے لوگوں کو کال کر کے کسی نہ کسی طریقے سے لیور کر کے اور ان سے پیسے وصولتے ہیں ایک بہت بڑا فیکٹر چل رہا ہے کرائم چل رہا ہے جو ہے آپ کے لون اپلیکیشنز میکزیمم لون اپلیکیشن ایپ جو چل رہے ہیں وہ سارے کے سارے چائنہ کے ہیں لوگوں کو بہت ایزیلی وہ لون دیتے ہیں لیکن بعد میں وہ جب آپ پورا لون چکا دیں اس کے بعد بھی وہ آپ سے پیشے پڑھ رہتے ہیں اور آپ سے پیسہ وصولتے ہیں اور اس کے بعد میں کئی لوگوں نے ان لون ایپس کے کرن سوسائیڈ کیا ہے دیش میں ان کے اوپر کوئی دھیان نہیں دے رہا ہے اور جو سب سے بڑی چیز جو ہمارے پورے دیش میں یہ دکھائی دے رہا ہے نا آپ کو فلانی رمی اس میں آئیے فلانا کرکٹ والی ایپ میں آئیے اس میں آپ کو ٹیم بنائیے جو جیتے گی تو آپ کو اتنے لاکھ اتنے کروڑ ملیں گے میری فراری کار آپ جیت سکتے ہو میرا یہ سب سے بڑا آئی واش ہے اس کے اوپر پہلے فرصت میں پہلے دن روک لگانے کی ضرورت ہے ارے بھائی جب آپ بولتے ہیں کہ فلانے ایپ میں آپ کسی طرح کا جوا سکتا نہیں کراتے ہیں یہ گیم آف انٹلیجنس ہے آپ بولتے ہو رمی گیم آف اسکل ہے تو آپ اس کے اندر میں جس دن اکاؤنٹ بنایں گا اس دن ایکاؤنٹ بناتے سے ہی مجھے ایک لاکھ پانچ لاکھ دس لاکھ یا تین لاکھ یا پچاس ہزار یا پچیس ہزار پوائنٹس فری کیوں دے رہے ہیں اس لیے دے رہے ہیں کیونکہ میں آ کر کے وہ پوائنٹس کھرچ کروں جو کی کرنسی ہے جو نوٹ ہے جو آپ کو بعد میں پیسے سے کھریدنا پڑتے ہیں پوائنٹس اور بعد میں جب آپ وہ پوائنٹس ایکسٹر جیت لیتے ہو تو وہ پوائنٹس آپ کو کرنسی کے روپ میں وہ واپس بھی ملتے ہیں تو یہ تو سٹا اور جوائی ہے نا سپریم کورٹ میں کچھ کمپنیوں نے جا کر کے اور اس چیز کو گیم آف اسکل کی روپ میں وہ کروا لیا اور اس کے انڈر بینیت یہ لوگ پورا کا پورا کرکٹ کا سٹا بیمبلڈن کا سٹا اور تمام طرح کے سٹے کھلوار ہیں کتنے لوگ ہیں میں مطلب ایسے لوگوں کو جانتا ہوں جنہوں نے اس کے قرآن ان کے گھر پریوار برباد ہو گئے ان لوگوں نے آتما تیہائیں کی ہیں لوگوں نے کیسز لگے ہوئے ہیں لوگوں کے خلاف لیکن ان کے اوپر کوئی کام نہیں ہو رہا کیوں نہیں ہو رہا اس لئے نہیں ہو رہا کیونکہ ہمارے سسٹم کو اس سے کوئی مطلب نہیں ہے پولیٹیشن ہیں ان کو چناؤ جیتنا ہے پولیس والے ہیں ان کو کرپشن کرنا ہے آئی آر ایس آئی پی ایس آئی جی ایس ہیں ان لوگوں کو کوئی مطلب نہیں ہے عام جنتہ سے ان کی نوکریاں چل رہی ہیں سماج چل رہا ہے پترکار ہیں ایسی سٹوریز نہیں کر سکتے کیونکہ ان کے جو ٹاپ ایڈیٹوریل لیڈرز ہیں وہ نہیں چاہتے کہ ایسی سٹوریز ہوں میرے جیسا آدمی چاہتا ہے کہ میں اس کے اوپر ایک ڈاکیمنٹری بنا لوں میرے باس پیسہ نہیں ہے میں ڈاکیمنٹری بنا لوں اور وہ لوگ بیچارے سنکٹ میں ہیں وہ لوگ مارے جا رہے ہیں فانسے میں ہیں بہت بڑا کام یہ کم سے کم سال کا سات آٹھ لاکھ دس لاکھ کروڑ کا کام ہے سکیم ہے کرائم ہے یہ فینشل کرائم اس کی طرف کسی کا دھیان نہیں ہے تو جب اتنا بڑا کرائم ہے تو لیگل کیسے ہے لیگل ایسے ہے کہ انہوں نے سسٹم کو یعنی سپریم کورٹ کو وہ پکش دکھایا جو وہ دکھانا چاہتے تھے ان کے سامنے جو ہے کھڑے ہو کر کے پکش دکھانے والا دوسرا سکے کا دوسرا پہلو دکھانے والا ویکٹی نہیں تھا وہ ایکس پارٹی آرڈر ہے ایک طرح سے اور کیوں نہیں ہے سامنے کوئی تو ہوگا اس کو فرق پڑتا ہوگا دیش میں مجھے پڑتا ہے لیکن میرے پاس وہ طاقت نہیں ہے نا فیننشل public prosecutors تو ہوتے ہیں public prosecutors کیا ہوتے ہیں public prosecutors کو آپ تھوڑے سے پیسے دیجئے وہ ویسی جھگ جاتے ہیں بہت سے cases ہوئے ہیں ہمارے دیش میں جہاں پہ بہت بڑی بڑی forces ہیں ان کے سامنے public prosecutors کھڑے ہوئے ہیں ہاں تو وہاں پہ ہرایا ہے یہی problem ہے نا کہ بھائی ہر case میں public prosecutor اور ویسا ہی ہو جو لڑے اور جیتے نا اب اگر سپوز مجھے وہ کیس کرنا پڑے مجھے سپریم کورٹ اگر ایک بار جانا پڑ جائے میرا کم سے کم پچیس جا روپے کا خرچ ہوگا اگر ایک مہینے میں چار پیشیاں پڑ گئی تو مجھے تو لاکھ روپے خرچا گیا ہے میں کیسے وہ کیس فائٹ کروں اتنے برسوں سے یہ ڈیمانڈ ہو رہی ہے کہ سپریم کورٹ کی چار الگ الگ اور بینچ بنائی جائیں آج تک نہیں بنائی جا رہی ہیں ایک اسٹرن بینچ ایک ویسٹرن بینچ ایک نورترن بینچ ایک سدرن بینچ ایسے کر کے چار بینچز الگ الگ بنا دی جائیں تاکہ ہر آدمی کو سپریم کورٹ تک نہ بھاگنا پڑے ایسے بنا دی جائے گی تو انفلوینس ہو جائے گی نا سٹیٹ گورنمنٹ سے ایسے نہیں ہوتا اگر ویسٹرن زون زون کے پاورز کے ترہو سپریم کورٹ سے وہ چلے گا وہاں کا جو کنسورٹیم ہے کنسورٹیم نہیں بولتے ہیں اس کو کیا بولتے ہیں وہ جو وہاں کا سسٹم ہے وہاں سے وہ تیہ ہوگا کون سا وقتی یہاں پہ جج بنے گا وہ وہ تیہ کرتا ہے مہاراشت کا آدمی مہاراشت میں ہی جج بہت کم رہتا ہے اس کو کہیں آسام میں کہیں میگھالے میں کہیں چیرہ پونجی میں پتہ نہیں کہاں کہاں بھیجا جاتا ہے کیوں تاکہ وہ انفلینس نہیں ہو وہاں کے لوکل ان سے یا جیوریشٹری سے کیونکہ آپ یہی پہ وکیل تھے اور یہی اب آپ جج بن گئے تو آپ کے تو وہ سارے لوگ کنڈیوٹس ایک طرح سے تو آپ کو ہم یہاں نہیں رہنے دیں گے ہم آپ کو بھیج دیں گے علاوات ہم آپ کو بھیج دیں گے لکھناو ہم آپ کو بھیج دیں گے گوہٹی ہم آپ کو بھیج دیں گے دہرہ دون تو وہی چیز یہاں بھی ہوگی ساؤت کا آدمی ویسٹ میں ہوگا ویسٹ کا آدمی نورت میں ہوگا نورت کا آدمی ایسٹ میں ہوگا تو کیسے مطلب influence ہوں گے اور کیا آج influence نہیں ہے لیکن جنتا کی بھی تو چیزوں کے بارے میں سوچنا پڑے گا نا میں آپ اگر یہ دی اس کو decentralized کر دیتے ہیں سپریم کورٹ کو اس کا سب سے بڑا فائدہ یہ ہوگا کہ دلی کے اوپر جو traffic کا اور وہاں پہ لوگوں کا load ہے اتنا زیادہ آنے جانے کا وہ آپ کا گھٹ کر کے 10 % 20 % تو کم ہوگا اور سپریم کورٹ پہ ڈائریکٹ جو کیسز کا برڈن ہے وہ کیسز کا برڈن کم ہوگا ارے بھائی جس ہائی کورٹ کی بلڈنگ میں ممبئی ہائی کورٹ بامبئی ہائی کورٹ کی بلڈنگ میں جو ہائی کورٹ چل رہی ہے اسی میں آپ چار کمرے چھے کمرے دے کر کہ سپریم کورٹ کیوں نہیں چلا سکتے آٹھ جج یا چھے جج یہاں کیوں نہیں دے سکتے تاکہ پورے ویسٹرن انڈیا کا جو معاملہ ہے وہ پورا کا پورا یہاں چلے تو کتنا فرق پڑے گا اس سے بہت کمال کا فرق پڑے گا judicial reform سب سے پہلے یہ شروع ہونا چاہیے نیچے سے نہیں اوپر سے ہونا چاہیے but thank you so much pleasure of mine it was pleasure knowing things جو میں کبھی سوچ بھی نہیں سکتا تھا مجھے پتا بھی نہیں تھا کہ آپ کون سے کون سی کہانیاں اور کیسے کیسے کہاں کہاں سے dots connect ہوتے ہیں اور کیا کہ active ہے ابھی and highway mafia was میں نے کبھی نہیں سنا تھا and it's insane plus اس کے بات جو starting میں آپ نے آپ کے جتنے thoughts well present کرے about what's going on in the country, really commendable thank you so much for doing this sir pleasure having you, pleasure of mine all pleasure of mine, thank you so for thank you so much for having me here یار یہ بہت زیادہ ہے اتنی تو پین آ جائے جورنلزم میں لگتی ہوئی نہیں نہیں مجھے نہیں لگتی مطلب آپ کے بار سمہے کہا ہے کہ کھائیں پہیں کچھ کریں نہیں بالکل نہیں شروع سے پیکٹس میں رکھا یہ کہ one coffee in a day دو چیز کوئی اور تی three cigarettes تھا and no girls تو وہ ایک دام fix one two three کا rules اسی کاران جندہ ہے آج thank you so much for watching this podcast till the end اب آپ کو تین چیزیں کرنی ہے سب سے پہلے اس چینل کو سبسکرائب کر لو نمبر دو کومنٹس میں ہمیں بتاؤ اور کونسی گیسٹ ہیں اور ایسے کونسی ٹاپکس ہیں جت میں آپ چاہتے ہو کہ ہم پوڈکاس بنائیں اور آپ کی اس سے زیادہ بیٹر ہیلپ ہوگی اور آپ کو زیادہ ویلیو ملے گی نمبر تھری یہ اپیسوٹ کسی ایک انسان کے ساتھ ضرور شیئر کرنا جس کی لائف میں ایک positive change آئے گا جس کو اس podcast conversation سننے کے بعد life میں help ہوگی کیونکہ ایک conversation is enough to change someone's life I'll see you next time until then keep figuring out
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About Raj ShamaniRaj Shamani is an Entrepreneur at heart that explains his expertise in Business Content Creation & Public Speaking. He has delivered 200+ speeches in 26+ countries. Besides that, Raj is also an Angel Investor interested in crazy minds who are creating a sensation in the Fintech, FMCG, & passion economy space.
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